गोरखपुर में हमले में घायल युवक की मौत पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। नौसड़ चौराहे पर तीन घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। महिला सिपाही समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। नौसड़ चौकी प्रभारी की तहरीर पर पांच नामजद और 50 अज्ञात पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने चार को गिरफ्तार कर लिया है।
गोरखपुर के गीडा इलाके में रॉड से हमले में घायल, गीडा थाना क्षेत्र के जवाहर चक निवासी हनुमान चौहान (40) की मौत के बाद मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने सुबह से लेकर दोपहर तक नौसड़ चौराहे और खजनी मोड़ के बीच तीन घंटे तक हंगामा किया। ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर सड़क जाम कर दी। पुलिस टीम पर पथराव किया। इसमें महिला सिपाही और दरोगा समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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पुलिस वैन पर हमला करते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भीड़ ने कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। घटना की सूचना पर एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, तहसीलदार सदर और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। देर शाम नौसड़ चौकी प्रभारी की तहरीर पर पांच नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस से छीना छपटी करते हुए
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जानकारी के मुताबिक, गीडा थाना क्षेत्र के जवाहर चक निवासी अदालत चौहान के बेटे हनुमान चौहान पर बीते चार अक्तूबर को गांव के ही एक युवक ने रॉड से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल हनुमान को पहले जिला अस्पताल और बाद में लखनऊ रेफर किया गया था। सोमवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव मंगलवार सुबह गांव लाया गया तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए।
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पुलिस की गाड़ी में बैठकर खुद को बचाते पुलिसकर्मी
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सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने शव को खाट (चारपाई) पर रखकर हरैया के पास सड़क जाम कर दी। पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। मृतक की पत्नी लक्ष्मीना ने एक करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
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पथराव में घायल पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी नार्थ ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम खुल सका। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर लौटी। दोपहर बाद शव गांव पहुंचने पर माहौल फिर बिगड़ गया। ग्रामीणों ने शव को नौसड़ चौराहे पर रखकर दोबारा जाम कर दिया। जब पुलिस ने शव को लेने की कोशिश की तो झड़प हो गई और भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
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रोते-बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पथराव में खजनी थाने की महिला आरक्षी मंजुली पांडेय समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस की बज्र गाड़ी, सरकारी बस और कई पिकअप के शीशे टूट गए। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। देर शाम शव को कब्जे में लेकर राजघाट पर अंतिम संस्कार कराया।
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भीड़ को समझाती पुलिस
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इन पर पुलिस ने दर्ज किया केस
देर शाम नौसड़ चौकी प्रभारी कमलेश प्रताप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अंगद, सोमनाथ, बुगनी देवी, अनिल और विकास, निवासी जवाहर चक और 50 अज्ञात के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। इसके साथ ही चार आरोपियों अंगद, सोमनाथ, विकास और बुगनी देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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शव को ले जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले दर्ज हुआ था मारपीट का केस
हनुमान पर बीते चार अक्तूबर को हुए हमले में पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने जानलेवा हमले की जगह सिर्फ मारपीट और धमकी की धाराओं में केस दर्ज किया था। इससे आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी बीच हनुमान की हालत बिगड़ी और सोमवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद गुस्से में आए ग्रामीणों ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई।
भीड़ को तितर बितर करती पुलिस
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चौकी इंचार्ज की तहरीर पर पांच नामजद और 50 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही मृतक के परिवार को सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। घटना में शामिल एक आरोपी रोशन को गिरफ्तार कर पुलिस पहले ही जेल भिजवा चुकी है। अन्य आरोपियों का भी नाम पीड़ित परिवार ने बताए हैं। जांच कर अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।- जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी नार्थ