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यूपी: तिरंगे में लिपटा था अपना, रास्ते में मौत ने छीन लिए दो और; एक झटके में उजड़ गया सूबेदार सत्यवान का कुनबा

Mon, 05 Oct 2026 05:07 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया

सार

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भारतीय सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह (50) का पार्थिव शरीर लेकर जा रही एंबुलेंस आगे चल रहे अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसे में सत्यवान सिंह के भाई, बेटे, रिश्तेदार और एंबुलेंस चालक की मौत हो गई। 
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मृतक सूबेदार और बेटे की फाइल फोटो. रोते बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूबेदार सत्यवान सिंह की मौत से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि सड़क हादसे ने दो और अपनों को छीन लिया। पति के पार्थिव शरीर के पीछे दूसरी गाड़ी से आ रहीं सरोजनी को जब एंबुलेंस हादसे में बेटे गौरव और देवर रामसमुझ की मौत की खबर मिली तो वह सदमे से बेहोश हो गईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।

गहिला गांव में हादसे की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। पति को खो चुकी सरोजनी पर बेटे की मौत की खबर ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। वहीं पिता के निधन के बाद से रो रही बेटी दीक्षा को जब भाई गौरव की मौत का पता चला तो वह बदहवास हो गई।

रामसमुझ के घर का दर्द भी कम नहीं था। पत्नी शीला पति की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गईं। बेटे विवेक, विक्की और विकास की चीख-पुकार से घर का माहौल गमगीन हो गया।
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मृतक सूबेदार की शव यात्रा और मृतकों की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ घंटे पहले तक परिवार सूबेदार सत्यवान सिंह की अंतिम विदाई की तैयारी में जुटा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि उसी दिन दो और अर्थियां उठेंगी। एक साथ तीन अपनों को खोने से पूरा परिवार टूट गया। गांव में मातम पसरा है। परिजन को ढांढ़स बंधाने पहुंचे लोगों की आंखें भी अपनों का विलाप देखकर नम हो गईं।

 
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सूबेदार के घर के बाहर जुटी ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तिरंगे में लिपटा था अपना, रास्ते में मौत ने छीन लिए दो और
चंडीगढ़ से देवरिया तक का सफर परिवार के लिए पहले ही आंसुओं से भरा था। एंबुलेंस में तिरंगे में लिपटा सूबेदार सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर था। परिजन को उम्मीद थी कि गांव पहुंचकर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देंगे मगर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में चाचा और भतीजे की मौत ने इस सफर को परिवार की जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बना दिया।

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सूबेदार के घर पहुंचे डीएम व एसपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूबेदार की अंतिम विदाई की तैयारी गांव में चल रही थी। इसी बीच हादसे की खबर पहुंची तो माहौल मातम में बदल गया। कुछ देर पहले तक जिस परिवार में एक अपने की अंतिम विदाई की तैयारी हो रही थी, वहां अचानक दो और मौतों का गम आ गया।

 
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मृतक सूबेदार के घर के बाहर जुटी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे की जानकारी मिलते ही गहिला गांव के कई लोग और रिश्तेदार हादसा स्थल की ओर रवाना हो गए। गांव में हर चेहरा स्तब्ध था। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस परिवार के लिए लोग सूबेदार सत्यवान की अंतिम यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे, उसी परिवार को कुछ ही देर में दो और अपनों की मौत का दुख झेलना पड़ेगा।
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मृतक सूबेदार के पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम-एसपी ने परिजनों को बंधाया ढांढस
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह हुई एम्बुलेंस दुर्घटना में चार लोगों की मौत पर रुद्रपुर के गहिला गांव में पहुंचकर डीएम-एसपी ने मार्ग दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को ढांढस बंधाया।

 
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सूबेदार की शवयात्रा लेकर जाते हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर तहसील के गहिला दुधैला निवासी सत्यवान सिंह सेना में सूबेदार थे। उनकी एक अक्तूबर को चंडीगढ़ कमांड अस्पताल में मौत हो गई थी। उनका पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से गांव लाया जा रहा था। चार अक्तूबर की सुबह सुल्तानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र के जरई कला गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
 

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मृतक की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे में एम्बुलेंस चालक जशपाल, सत्यवान सिंह के भाई रामसमुझ, बेटे गौरव सिंह और रुद्रपुर के भरटोला वार्ड निवासी सभासद राजन चौधरी 32 वर्ष की मौत हो गई। सूचना मिलने पर डीएम मधुसूदन हुल्गी और एसपी अभिजीत आर शंकर गहिला दुधैला पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। डीएम ने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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रोते बिलखते घर की महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सेना के सूबेदार का शव लेकर जा रही एंबुलेंस अज्ञात वाहन से भिड़ी, बेटे-भाई समेत चार की मौत
सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह भारतीय सेना के सूबेदार सत्यवान सिंह (50) का पार्थिव शरीर लेकर जा रही एंबुलेंस आगे चल रहे अज्ञात वाहन से टकरा गई। हलियापुर के जरईकला के पास हुए हादसे में सत्यवान सिंह के भाई, बेटे, रिश्तेदार और एंबुलेंस चालक की मौत हो गई। पुलिस अज्ञात वाहन का पता लगाने के लिए एक्सप्रेसवे के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।

देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के गैला, दुधिला निवासी सेना के जवान सूबेदार सत्यवान सिंह मेरठ में तैनात थे। चंडीगढ़ स्थित कमांड अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद तीन दिन पहले पंचकुला (चंडीगढ़) में उनकी मौत हो गई थी। शनिवार शाम 4:00 बजे परिजन उनका पार्थिव शरीर लेकर दो वाहनों से गांव के लिए रवाना हुए थे। एंबुलेंस शव लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जा रही थी, जबकि कार में सत्यवान की पत्नी सरोजिनी सिंह और बेटी दीक्षा सहित अन्य परिजन लखनऊ से अयोध्या मार्ग की ओर निकले थे।

रविवार सुबह 8:30 बजे जरईकला के पास एंबुलेंस आगे चल रहे किसी वाहन से जा भिड़ी। हादसे में सत्यवान सिंह के भाई राम समुझ सिंह (53), बेटे गौरव सिंह (19), रिश्तेदार सभासद राजन सिंह चौधरी (36) और एंबुलेंस चालक चंडीगढ़ निवासी जसपाल सिंह (28) की मौत हो गई। चालक जसपाल और गौरव सिंह का शव स्टीयरिंग में फंस गया था, यूपीडा कर्मियों ने एंबुलेंस की बॉडी काटकर दोनों के शवों को बाहर निकाला। सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को हलियापुर थाने में रखवाया गया है। उन्हें देवरिया के रुद्रपुर स्थित गांव पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए हैं।

एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि हादसे की वास्तविक स्थिति और अज्ञात वाहन की पहचान के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

 
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