गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में सांस लेना शहर की तुलना में स्वास्थ्य के लिए थोड़ा हानिकारक है। हवा की जो गुणवत्ता शहर में है, गीडा में उससे कहीं ज्यादा खराब लगातार बनी हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) हवा की बेहतर गुणवत्ता का पैमाना है। इस पैमाने से ही तय होता है कि हम जिस हवा में सांस ले रहे हैं, वह हमारे लिए कितनी बेहतर है। जहां गोरखपुर शहर का एक्यूआई 150 से 160 के बीच रहता है वहीं सहजनवां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के आस पास या इससे ज्यादा दर्ज किया जा रहा है।
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प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर एनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र की वजह से फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं के कारण हवा में हानिकारक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। गोरखपुर शहर की तुलना में गीडा क्षेत्र के सहजनवां में एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब बना हुआ है।
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उड़ती धूल कर रही है परेशान।
- फोटो : अमर उजाला
छह कैटेगरी में बांटा गया है एयर क्वालिटी इंडेक्स
एक्यूआई को इसकी रीडिंग के आधार पर छह कैटेगरी में बांटा गया है। 0-50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच बेहद खराब और 401-500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
एक्यूआई में आठ कारकों को किया गया है शामिल
भारत में एक्यूआई आठ प्रदूषण कारकों पीएम-10, पीएम 2.5, एनओ2, एसओ2, सीओ2, ओ-3, एनएच3 और पीबी के आधार पर तय होता है। पिछले 24 घंटे में इन कारकों की मात्रा के आधार पर हवा की गुणवत्ता को बताता है।
तारीख एक्यूआई
7 मार्च 198
8 मार्च 209
9 मार्च 197
10 मार्च 205