नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह।
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माता-पिता ने संस्कार तो शिक्षकों ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
घर में माता- पिता और स्कूल में शिक्षक भविष्य संवारते हैं। माता-पिता संस्कार तो शिक्षक, अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं। एक औसत विद्यार्थी था, लेकिन कठिन परिश्रम, लगन गुरुजनों व माता पिता के आशीर्वाद से आज इस मुकाम पर हूं । यह कहना तो ठीक नहीं रहेगा कि भविष्य की राह आसान करने और सफलता दिलाने में किसी एक या दो शिक्षक की ही भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। हर कक्षा व हर विषय के शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है। हां, पसंदीदा शिक्षक की बात करें तो शहर के एमजी इंटर कॉलेज के रसायन विज्ञान के पीएस श्रीवास्तव का नाम मैं, लेना चाहूंगा। उनके सरल स्वभाव और पढ़ाने का तरीका ऐसा रहा कि पाठ आसानी से समझ में आ जाता। प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर में ही पूरी हुई है। -प्रेमरंजन सिंह, उपाध्यक्ष, जीडीए