उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरीबाजार ब्लाक के लबकनी गांव निवासी सीताराम चौहान की जमीन पट्टीदारों ने छीना तो बुढ़ापे का सहारा भगवान बनें। ओढ़ने-बिछाने के लिए झोले में कुछ कपड़ों के सिवा उसके पास कुछ नहीं है। दिनभर खजड़ी बजाकर लोगों से आपबीती सुनाते हैं। भीख में मिले रुपयों से अपना पेट पालता है और पट्टीदारों से मुकदमा लड़ता है। बुधवार को वह कलेक्ट्रेट स्थित चकबंदी अधिकारी प्रथम के यहां मुकदमा देखने आया था। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...