चौरा चौरा कांड। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि चार फरवरी 1922 की तारीख भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण दिन था। दरअसल, गांधीजी ने वायसराय को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने सात दिनों के अंदर अपनी दमनकारी नीति में परिवर्तन नहीं किया तो 'कर न दो' आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसी बीच चार फरवरी 1922 को चौरीचौरा के भोपा बाजार में सत्याग्रही इकट्ठा हुए।