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गोरखपुर में बाढ़ से 17 हजार हेक्टेअर फसल बर्बाद, 314 किलोमीटर सड़क को हुआ नुकसान

Wed, 07 Oct 2020 09:06 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में बाढ़ से हुए नुकसान की आकलन रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 हजार हेक्टेअर से अधिक फसल बर्बाद हुई है तो वहीं 314 किलोमीटर सड़क को भी नुकसान पहुंचा है। फसल के मुआवजे के तौर पर 22 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
रिपोर्ट में कहा गया कि 406 एकड़ जमीन नदी में विलीन हो गई। पहली बार रिपोर्ट में 22 हजार परिवारों के लिए आजीविका भत्ता की भी सिफारिश की गई है। कुल मिलाकर 54.84 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि प्रस्ताव भेज दिया गया है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलते ही मुुआवजे का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
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Gorakhpur Flood - फोटो : राजेश कुमार
बाढ़ से हुए नुकसान की रिपोर्ट सितंबर में ही भेज दी गई थी, मगर मौके पर 22 सितंबर को सत्यापन करने पहुंची केंद्रीय टीम ने आजीविका भत्ता, नदी में विलीन हुई जमीन आदि नुकसान का भी जिक्र कर संशोधित रिपोर्ट भेजने को कहा था। इसपर फिर से सर्वे कर रिपोर्ट बनाई गई, जिसे अब भेजा गया है।

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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
पहले 28 करोड़ रुपये के क्षति का आकलन था, जो अब बढ़कर 54.84 करोड़ रुपये हो गया है। केंद्र की तरफ से संयुक्त सचिव एनडीएमए रमेश कुमार गंटा के नेतृत्व में आई टीम में वित्त मंत्रालय में सलाहकार आरबी कौल, कृषि मंत्रालय में निदेशक डॉ. मान सिंह व उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण लखनऊ के परियोजना निदेशक बलवीर सिंह शामिल थे।

 
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
60 और 40 रुपये मिलेगा आजीविका भत्ता
पहली बार उन लोगों को भी सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिल सकेगी, जो बाढ़ के कारण काम पर नहीं जा पाए और उनकी आजीविका का साधन बंद हो गया। प्रभावित तहसीलों में ऐसे लोगों की सूची बनाकर उसका जिक्र शासन को भेजी गई आकलन रिपोर्ट में भी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे 22 हजार परिवार चिह्नित किए गए हैं जिनकी आजीविका बाढ़ की वजह से प्रभावित हुई। इन्हें मुआवजा देने के लिए प्रशासन ने 5.94 करोड़ रुपये की मांग की है। प्रभावित परिवार के हर वयस्क सदस्य को 60 रुपये और अवयस्क को 45 रुपये प्रतिदिन के मुताबिक भुगतान किया जाएगा।

 
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Gorakhpur Flood - फोटो : अमर उजाला।
नदी में बही जमीन के लिए 61.67 लाख रुपये की मांग
इस बार बाढ़ के दौरान जिन काश्तकारों की जमीन नदी में बह गई यानी विलीन हो गई, उन्हें भी मुआवजा मिलेगा। प्रशासन के सर्वे में 406 एकड़ ऐसी जमीन मिली, जो बाढ़ के दौरान नदी में विलीन हो गई और वर्तमान में उनका वजूद नहीं मिल रहा। प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने के लिए प्रशासन ने 61.67 लाख रुपये मांगे हैं। 37500 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से संबंधित काश्तकारों को मुआवजा मिलने की उम्मीद है। वहीं मछली पालन से जुड़ी 39 हेक्टेअर जमीन प्रभावित होने के लिए भी 79.56 लाख रुपये की मांग की गई है ताकि संबंधित किसानों को मुआवजा दिया जा सके।

 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार
84 परिषदीय स्कूलों के लिए 1.21 करोड़
बाढ़ की वजह से 84 परिषदीय स्कूलों की इमारत और फर्नीचर को क्षति पहुंची है। किसी की चहारदीवारी गिर गई तो कहीं कक्षाओं की दीवारें ही गिर गईं। इनकी मरम्मत के लिए 1.21 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। वहीं पंचायत भवनों को हुए नुकसान के लिए 26 लाख रुपये मांगे गए हैं।

 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार
114 स्थानों पर बंधे हुए क्षतिग्रस्त, आठ करोड़ में होगी मरम्मत
बाढ़ के दौरान प्रभावित इलाकों में 114 स्थानों पर बंधे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिन्हें दुरुस्त करने में करीब आठ करोड़ रुपये के खर्च का आकलन किया गया है। इसी तरह 314 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है, जिसकी मरम्मत के लिए 13.81 करोड़ रुपये की मांग की गई है।
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