gorakhpur fertilizer
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि 27 अप्रैल को गोरखपुर-कुशीनगर फोरलेन पर 252 और 192 पहियों वाले ट्रेलर पर दो टरबाइन आए थे। इनमें एक टरबाइन 575 टन तो दूसरी 330 टन की थी। इन्हें गुजरात से कोलकाता, हल्दिया होते हुए छपरा स्थित बंदरगाह तक जल मार्ग से लाने में 62 दिन लग गए थे। एचयूआरएल के वरिष्ठ प्रबंधक सुबोध दीक्षित ने बताया कि कारखाने में 1300 मजदूर पहले से काम कर रहे हैं, टरबाइन मशीन आने के बाद 700 और मजदूरों को काम दिया जाएगा।