गोरखपुर में एक युवा जिंदगी को लील लाने वाले जगन्नाथपुर के जर्जर मकान की तरह ही शहर में 136 मकान और हैं। नगर निगम इन मकानों को खतरनाक मानते हुए खाली करने का नोटिस दे चुका है, लेकिन इनमें सैकड़ों की संख्या में लोग रह रहे हैं। बारिश तो क्या सामान्य मौसम में भी इनकी जिंदगी दांव पर लगी रहती है।
जर्जर मकानों में रहने वालों के जीवन पर तो संकट मंडरा ही रहा है, उनके आसपास रहने वाले भी हादसे की आशंका से परेशान रहते हैं। विभिन्न वजहों से इन जर्जर भवनों को न तो गिराया जा रहा है न ही खाली कराने की कोशिश हो रही है। पुलिस लाइंस में भी कई आवास जर्जर हो चुके हैं। उनमें भी लोग रहते हैं। बताया जाता है कि ज्यादातर मकानों में किराएदारी का विवाद है। मामला अदालत में होने की वजह से नगर निगम भी कुछ नहीं कर पाता है।