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Ultimate Saree: अजरक से लेकर घरचोला तक, हर महिला के पास होनी चाहिए भारतीय टेक्सटाइल की ये साड़ियां

Thu, 24 Apr 2025 05:04 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हर महिला के पास साड़ियों का अल्टीमेट कलेक्शन होता ही है। यदि आपके पास नहीं है तो यहां कुछ भारतीय टेक्सटाइल की साड़ियों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, ताकि आप इसे खरीद सकें।
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हर महिला के पास होनी चाहिए भारतीय टेक्सटाइल की ये साड़ियां - फोटो : Adobe stock
Ultimate Saree: भारतीय महिलाएं चाहे किसी भी उम्र में हों, उन्हें साड़ी पहनना काफी पसंद होता है। साड़ी एक ऐसा परिधान है जिसमें महिलाओं का लुक काफी सादगी भरा लगता है। अब तो इसे ग्लैमरस तरह से भी कैरी किया जाता है। इसी वजह से ज्यादातर महिलाओं के पास साड़ी का बेहतरीन कलेक्शन होता है।

साड़ियों के क्रेज के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस अक्सर साड़ी में ही अपना खूबसूरत अंदाज दिखाती हैं। खास बात ये है कि ये अभिनेत्रियां ऐसी साड़ियों को पहनना ज्यादा पसंद करती हैं, जिन्हें भारतीय टेक्सटाइल को तैयार करते हैं। इसी के चलते हम आपको कुछ ऐसी साड़ियों के बारे में बताने जा रहे है, जो आपके पास अवश्य होनी चाहिए। 
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अजरक साड़ी - फोटो : instagram
अजरक साड़ी

अजरक प्रिंट की ये साड़ी बाड़मेर की खासियत है। अजरक प्रिंट को तैयार करने के लिए हमेशा प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। इन रंगों को तैयार करने में काफी समय लगता है। इन रंगों को बनाने की प्रक्रिया में करीब 20 से 30 दिन का समय लगता है। कुछ समय पहले ही ग्लोबल मंच पर आलिया भट्ट को इस प्रिंट की साड़ी पहने देखा गया था। इस अजरक प्रिंट की साड़ी के साथ उन्होंने ट्यूब ब्लाउज पहना था, जिस वजह से उनका अंदाज कमाल का लग रहा था।
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घरचोला साड़ी - फोटो : instagram
घरचोला साड़ी

शादी-विवाह के अवसर पर घरचोला साड़ी पहनना काफी शुभ माना जाता है, क्योंकि ये साड़ी ज्यादातर चटक रंगों यानी कि लाल, हरा और पीले रंगों में आती है। इसलिए महिलाओं को ये साड़ी काफी पसंद आती है। इन साड़ियों में पारंपरिक रूप से बुनाई के साथ चेकर्ड ग्रिड डिजाइन होता है। इसके अलावा इन साड़ियों पर मोर या कमल जैसी शुभ कलाकृतियां बनी होती हैं, जिससे पहनकर लुक अच्छा आता है। 

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कांजीवरम साड़ी - फोटो : instagram
कांजीवरम साड़ी

कांजीवरम साड़ी का अपना अलग ही अंदाज होता है। ये मूलरूप से तमिलनाडु के कांजीवरम (कांचीपुरम) क्षेत्र में बनाई जाती हैं। इसे बनाने में शुद्ध रेशमी कपड़े का इस्तेमाल होता है, जिस वजह से इनका लुक काफी रॉयल रहता है। कांजीवरम साड़ियां काफी महंगी होती हैं, क्योंकि इन पर भारी सोने-चांदी का काम होता है। इन साड़ियों में मंदिर, फूल, पशु-पक्षियों (जैसे मोर, हंस) की पारंपरिक आकृतियां बनी होती हैं, जो इसकी रॉयल्टी को और बढ़ाते हैं। 
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बनारसी साड़ी - फोटो : instagram
बनारसी साड़ी

उत्तर प्रदेश के बनारस में तैयार की जाने वाली बनारसी साड़ियों की अपनी अलग पहचान है। बनारसी साड़ियों पर मुख्यत: मुगल कला से प्रेरित डिजाइन जैसे बेल-बूटे, फूल-पत्ते, जाली और जटिल रूपांकन देखने को मिलता है। इस पूरी साड़ी पर भारी बुनाई होती है, जिससे इस साड़ी की भव्यता कई गुना बढ़ जाती है। नई दुल्हनों पर बनारसी साड़ियां कमाल की लगती हैं। 
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बांधनी साड़ी - फोटो : instagram
बांधनी साड़ी

शादी-विवाह के मौकों में बांधनी साड़ी काफी पंसद की जाती है। इसपर जो प्रिंट होता है, वो देखने में कमाल का लगता है। बांधनी साड़ी हमेशा जॉर्जेट के फैब्रिक में तैयार की जाती हैं। ये साड़ी काफी ज्यादा मुलायम होती है। इसकी शुद्धता की पहचान भी ऐसे ही की जाती है। असली बांधनी साड़ी मक्खन सी मुलायम होती है, जबकि जो साड़ी नकली होती है वो कठोर होती है।
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रंगकाट साड़ी - फोटो : instagram
रंगकाट साड़ी

इस साड़ी को बिना किसी मशीन के हाथों से ही तैयार किया जाता है। जिस वजह से इसे तैयार होने में पूरा 6 से 8 महीने का समय लगता है। इसपर हुए बारीक काम की वजह से इसकी खूबसूरती देखते बनती है। इस साड़ी को तैयार करने में कई रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं। 
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