आज जो लिपस्टिक आप इस्तेमाल करती हैं वह स्मज-प्रूफ़ होती हैं। लेकिन जब लिपस्टिक की खोज की गई थी , तब वह स्मज-प्रूफ़ नहीं होती थी। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान डर्मैटोलॉजिस्ट लैबोरैटरी में काम करते वक़्त केमिस्ट हेज़ल बिशप को किस-प्रूफ़ फ़ॉर्मूला मिला था , जिसकी वजह से दुनिया और खासतौर पर महिलाओं को मिली स्मज-प्रूफ़ लिपस्टिक।