Kalamkari Print: भारत विविधता का देश है। यहां राज्यों के हिसाब से खानपान से लेकर पहनावे तक में बदलाव देखे जाते हैं। हर राज्य की अपनी अलग सभ्यता है। अपनी खासियत के अनुसार ही हर राज्य में बोलचाल का तरीका और पहनावे का तरीका भी काफी अलग है। भारत देश में मशीनों से बने कपड़ों की बजाय लोग हाथ के काम और कढ़ाई को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।
इसी के चलते आज के लेख में हम आपको आंध्र प्रदेश के मशहूर कलमकारी प्रिंट के बारे में बताएंगे। कई बार अभिनेत्रियां कलमकारी प्रिंट की साड़ी पहने देखी गई हैं। यह प्रिंट देखने में बेहद खूबसूरत लगता है। हाल ही के दिनों में कलमकारी प्रिंट के साड़ी, कुर्ता और दुपट्टा आदि कपड़े बाजार में मिलने लगे हैं। आज के समय में कलमकारी प्रिंट में मॉडर्न टच देकर इसे युवाओं के बीच प्रचलित किया जा रहा है।
विज्ञापन
2 of 5
कलमकारी प्रिंट
- फोटो : instagram
नीता अंबानी ने पहना प्रिंट
आज कलमकारी प्रिंट के बारे में हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि हाल ही में नीता अंबानी को कलमकारी प्रिंट का दुपट्टा पहने देखा गया। इसके बाद लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि आखिर यह प्रिंट कैसे तैयार होता है और इसकी खासियत क्या है।
विज्ञापन
3 of 5
कलमकारी प्रिंट
- फोटो : instagram
कहां हुई शुरुआत
जैसा कि नाम से ही समझ आ गया है कि इस प्रिंट को तैयार करने में कलम का इस्तेमाल होता है। कलमकारी प्रिंट की शुरुआत आंध्र प्रदेश के गोलकुंडा क्षेत्र में हुई थी। इसकी शुरुआत उस वक्त हुई थी, जब मुगलों का राज था। इसी वजह से कहा जाता है कि ये फारसी कला से प्रभावित है।
4 of 5
कलमकारी प्रिंट
- फोटो : instagram
किया जाता है ऐसा प्रिंट
हम सभी जानते हैं कि कलमकारी प्रिंट को तैयार करने में कलम का इस्तेमाल होता है। इसे तैयार करने के लिए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करके कपड़े पर फूल और जानवरों के प्रिंट तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा कई कपड़ों पर भारतीय पौराणिक कथाओं और संस्कृति की कहानियों को भी प्रिंट किया जाता है। अक्सर साड़ियों में कहानियों के पात्रों की प्रिंटिंग भी देखी जाती है।
कलमकारी प्रिंट के आउटफिट को तैयार करने के लिए सबसे पहले कुशल कारीगर कपड़े के धागे को रंगने की प्रक्रिया का पालन करते हैं। यह रंग प्राकृतिक होता है और इसमें किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता। इसके बाद कलम की मदद से कपड़े पर प्रिंट किया जाता है।
इस प्रिंट में आपको ज्यादातर लाल, हरा, पीला और नीला रंग इस्तेमाल होता दिखाई देगा। यह रंग कलमकारी आउटफिट को अलग दिखने में मदद करते हैं। कलमकारी प्रिंट के आउटफिट धार्मिक और सांस्कृतिक प्रिंट को दर्शाते हैं। कलमकारी को तैयार करने में किसी तरह की मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता और यही इसकी खासियत है।