कांचीपुरम साड़ी में नीता अंबानी
- फोटो : instagram/Swadesh Online
एक साड़ी बनने में लगता है महीनों का समय
अब आपको कांचीपुरम साड़ी की खासियत बताते हैं। दरअसल, ये साड़ी दक्षिण भारत के बुनकरों द्वारा हस्तनिर्मित एक उत्कृष्ट कृति है। पीढ़ी दर पीढ़ी वहां के कारीगरों ने अपनी इस कला को और निखारा है। कांचीपुरम साड़ियों में सोने की कढ़ाई की जाती है।
ज्यादातर लाल, सिल्वर और गोल्डन रंग में ही ये साड़ियां दिखाई देती हैं। इस एक साड़ी को तैयार होने में महीनों को समय लग जाता है, क्योंकि इस साड़ी का पूरा काम हाथ से ही होता है। इतना समय और मेहनत लगने की वजह से इनकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है।