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National Handloom Day 2024: दिखाना है रॉयल अंदाज तो अपने कलेक्शन में आज ही शामिल करें हैंडलूम की ये साड़ियां

Wed, 07 Aug 2024 07:40 AM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नेशनल हैंडलूम के दिन आप भी ये सुनिश्चित करें कि आपके कलेक्शन में ये 5 तरह की हैंडलूम की साड़ियां अवश्य शामिल हों।
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नेशनल हैंडलूम डे 2024 - फोटो : Amar Ujala
National Handloom Day 2023: हर साल 7 अगस्त से दिन नेशनल हैंडलूम डे मनाया जाता है। इस दिन को सेलिब्रेट करने का खास मकसद हथकरघा बुनकरों की मेहनत को बढ़ावा देना है। यह दिन न केवल हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है, बल्कि युवाओं को भी इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है। अगर आप भी इस दिन को मनाकर बुनकरों को प्रोत्साहित करना चाहती हैं तो अपने कलेक्शन में खास हैंडलूम की साड़ियों को शामिल करें।

यहां हम आपको कुछ ऐसी हैंडलूम की साड़ियां दिखाने जा रहे हैं, जो आपके कलेक्शन में जरूर होनी चाहिए। हालांकि जो असल हैंडलूम की साड़ी होती है, वो काफी महंगी आती है, लेकिन आप अपने बजट के हिसाब से इसे जरूर खरीदें। नेशनल हैंडलूम डे के दिन कम से कम एक हैंडलूम की साड़ी को अपने कलेक्शन में शामिल जरूर करें। ऐसा करने से आप भी हथकरघा बुनकरों की मेहनत का सम्मान कर सकती हैं। 
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नेशनल हैंडलूम डे 2024 - फोटो : अमर उजाला
बनारसी साड़ी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में बनने वाली बनारसी साड़ियों का अपना अलग क्रेज देखा जाता है। ये साड़ियां अपनी खूबसूरत जरी, रेशम और ब्रोकेड की बुनाई के लिए जानी जाती हैं। ये आपको हर कीमत में मिल जाएंगी। बहुत से लोग तो इन पर सोने और चांदी के तारों से भी जरी कराते हैं। ऐसे में अपने कलेक्शन में आपको भी कम से कम एक बनारसी साड़ी तो जरूर शामिल करनी चाहिए। 
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नेशनल हैंडलूम डे 2024 - फोटो : instagram
कांजीवरम साड़ी

तमिलनाडु के कांचीपुरम में बनने वाली कांजीवरम साड़ियां देखने में काफी खूबसूरत होती हैं। इन साड़ियों पर रेशम और जरी का बारीक काम होता है। वैसे तो ये साड़ियां हर महिला पर जचती हैं, लेकिन जब कोई नई दुल्हन इसे पहनती है, तो इसका लुक काफी खूबसूरत लगता है। 
 

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नेशनल हैंडलूम डे 2024 - फोटो : instagram
कसावु साड़ी

ये साड़ी केरल के पारंपरिक परिधानों में शुमार है। ये ऑफ व्हाइट कलर की होती है और इसका बॉर्डर गोल्डन कलर का होता है। केरल की महिलाएं इसे शादी-विवाह या पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्यक्रमों में पहनती हैं। ये साड़ी भी हाथ से तैयार की जाती है, जिस वजह से इसका लुक खूबसूरत दिखता है। 
 

 
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नेशनल हैंडलूम डे 2024 - फोटो : instagram
पटोला साड़ी 

पटोला साड़ी गुजरात की खासियत है। ये पटोला शब्द संस्कृत के 'पट्टकुल्ला' से लिया गया है। पटोला साड़ियां पाटन क्षेत्र से आती हैं और ये अपनी दोहरी बुनाई के लिए जानी जाती हैं। इन साड़ियों का इतिहास 900 से भी ज्यादा साल पुराना है। ये काफी महंगी भी आती हैं। 
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नेशनल हैंडलूम डे 2024 - फोटो : instagram
पैठणी साड़ी 

इस साड़ी को बनाने की शुरुआत महाराष्ट्र के औरंगाबाद से 50 कि.मी दूर पैठण नाम की जगह पर सतवाहना वंश के समय हुई थी। ये अपनी शानदार रेशम और हाथ से बुनी जरी बुनाई के लिए जानी जाती हैं। इस साड़ी को मलबरी सिल्क का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। इस पर सोने के धागों का काम होता है। 
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