फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Durga Puja 2022: बंगाली महिलाओं को पसंद है सफेद और लाल जामदानी साड़ी, जानें क्या है वजह

Mon, 26 Sep 2022 01:38 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
saree blouse - फोटो : Istock
नवरात्रि का त्योहार देश भर में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। उत्तर भारत में जहां घरों में विधि-विधान से देवी मां की पूजा होती है। तो वहीं राजस्थान में डांडिया और गुजरात में गरबा की स्थापना की जाती है। वहीं पश्चिम बंगाल में नवरात्रि का त्योहार मुख्य रूप से पांच दिन का मनाया जाता है। जो नवरात्रि के बाद दशहरे वाले दिन खत्म होता है। जिसमे बंगाल में देवी दुर्गा के बड़े पंडाल सजाए जाते हैं। जहां पर सारी महिलाएं दशहरे वाले दिन इकट्ठा होकर सिंदूर खेला खेलती हैं। वहीं इस त्योहार को सेलिब्रेट करने के लिए ज्यादातर महिलाएं बिल्कुल ट्रेडिशनल लाल बॉर्डर और सफेद साड़ी वाले लुक में तैयार होती हैं। बंगाली महिलाओं का ये ट्रेडिशनल लुक बेहद खूबसूरत लगता है और लगभग हर महिला को इसकी तरफ आकर्षित करता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि आखिर क्यों महिलाएं सिंदूर खेला के लिए बिल्कुल ट्रेडिशनल साड़ी में तैयार होती हैं। 
विज्ञापन

2 of 4
red saree - फोटो : instagram
दरअसल, देवी दुर्गा को बंगाल में बेटी मानते हैं, जो पृथ्वी पर पांच दिनों की सैर करने आती हैं। इसलिए ये त्योहार सुहागन बेटियों के लिए बेहद खास है। वो दुर्गा पूजा के पांच दिनों में मायके आती हैं। और पांचवे दिन यानी दशहरे वाले दिन मां दुर्गा को विदाई देती हैं। इस दौरान सारी सुहागन महिलाएं इकट्ठा होकर सिंदूर लगाती हैं और खेलती हैं। जिसके लिए ज्यादातर महिलाओं को सफेद और लाल रंग के बॉर्डर वाली ट्रेडिशनल साड़ी पहनना पसंद होता है। क्योंकि ये साड़ी ज्यादातर महिलाएं अपनी शादी के दौरान भी पहनती हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
red saree - फोटो : instagram
हालांकि समय के साथ अब महिलाएं कई तरह की साड़ी को खरीदती हैं। लेकिन आज भी उनकी लिस्ट में सफेद रंग की एक साड़ी जरूर होती है। जिसका बॉर्डर लाल होता है। पहले के समय में ये लाल रंग के बॉर्डर वाली साड़ी जामदानी कपड़े की होती थी। जो खास किस्म के धागों को बुनकर बनाई जाती थी। जिसमे कॉटन के धागे शामिल होते थे। इस कॉटन मिक्स जामदानी साड़ी को ट्रेडिशलन वियर बनाने के पीछे का मकसद है पश्चिम बंगाल का मौसम, जो हल्का सा नमी वाला होता है। 
विज्ञापन

4 of 4
red saree - फोटो : iStock
इस तरह के मौसम में ये साड़ी बेहद आराम देती है। हालांकि समय के साथ अब जामदानी साड़ी की बहुत सारी वैराइटी आने लगी है। जिसमे सिल्क के धागों की मिलावट कर दी जाती है। लेकिन फिर भी लाल बॉर्डर और सफेद रंग की साड़ी का क्रेज अभी बंगाली महिलाओं के सिर से नहीं उतरा है। सिंदूर खेला के लिए ज्यादातर महिलाएं सफेद लाल रंग की साड़ी को पहनना पसंद करती हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें