red saree
- फोटो : instagram
दरअसल, देवी दुर्गा को बंगाल में बेटी मानते हैं, जो पृथ्वी पर पांच दिनों की सैर करने आती हैं। इसलिए ये त्योहार सुहागन बेटियों के लिए बेहद खास है। वो दुर्गा पूजा के पांच दिनों में मायके आती हैं। और पांचवे दिन यानी दशहरे वाले दिन मां दुर्गा को विदाई देती हैं। इस दौरान सारी सुहागन महिलाएं इकट्ठा होकर सिंदूर लगाती हैं और खेलती हैं। जिसके लिए ज्यादातर महिलाओं को सफेद और लाल रंग के बॉर्डर वाली ट्रेडिशनल साड़ी पहनना पसंद होता है। क्योंकि ये साड़ी ज्यादातर महिलाएं अपनी शादी के दौरान भी पहनती हैं।