नाखून गंदे हैं, तो रोगाणु आसानी से उनके शरीर में जा सकते हैं और परिणामस्वरूप संक्रमण हो सकता है, इसलिए बच्चों के नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए। बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक और संवेदनशील होती है और यदि उनकी मां के नाखून लंबे हैं, तो उससे बच्चे को चोट लग सकती है। बच्चों के साथ-साथ उनकी देखभाल करने वाली माताओं को भी विशेष रूप से अपने नाखूनों की स्वच्छता का पर्याप्त ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि वे आमतौर पर खाद्य पदार्थों को संभालती हैं या शिशुओं के गंदे नैपी को धोती या बदलती हैं, तो आसानी से नाखून के नीचे सभी तरह के कीटाणुओं को आश्रय मिल सकता है।