Gota Patti Vs Lace: महिलाओं को बहुत अच्छे से पता होता है कि किस कपड़े को कैसे स्टाइल करना है। वो सादे से कपड़ों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ ऐसा ढूंढ ही लेती हैं, जो उनके लुक को पूरी तरह से बदल देता है। खासतौर पर एथनिक आउटफिट में चार चांद लगाने के लिए आपने भी कभी न कभी गोटा पत्ती और लेस का इस्तेमाल किया होगा।
महिलाएं कपड़े पर क्या सूट करेगा, वो इस्तेमाल तो कर लेती हैं, लेकिन उन्हें इन दोनों चीजों का फर्क ही नहीं पता होता है। इसी के चलते हम आज के लेख में आपको लेस और गोटा पत्ती में फर्क बताएंगे, ताकि आप भी अपने आउटफिट के लिए सही चीज का चयन कर सकें।
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कैसे हुई लेस की उत्पत्ति
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कैसे हुई लेस की उत्पत्ति
कपड़ों की खूबसूरती बढ़ाने वाली लेस की उत्पत्ति 16वीं शताब्दी में यूरोप से हुई। उस वक्त इसके दो मुख्य प्रकार, सुई लेस और बॉबिन लेस विकसित हुए, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। शुरुआती दिनों में ये लिनन या रेशम के धागे से बनाई जाती थी, लेकिन आज के समय में इसे बनाने में कॉटन, नेट, नायलॉन, पॉलिएस्टर के धागों का इस्तेमाल भी किया जाता है।
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कैसी होती है बनावट ?
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कैसी होती है बनावट ?
अब बात करते हैं लेस की बनावट की तो इसकी बनावट काफी जालीदार, मुलायम, हल्की होती है। यही वजह है कि रोजाना पहनने वाले कपड़ों में भी लेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर कुर्ती, गाउन, टॉप, दुपट्टा, साड़ी के बॉर्डर तैयार करने में किया जाता है।
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इस्तेमाल का उद्देश्य और कीमत
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इस्तेमाल का उद्देश्य और कीमत
अब जानते हैं कि लेस का इस्तेमाल क्यों होता है और इसकी कीमत क्या रहती है। तो आपको बता दें कि आमतौर पर लेस काफी सस्ती आती है। यही वजह है कि रोजाना पहनने वाले कपड़ों में भी लोग इसे लगा लेते हैं। इसका मुख्य उद्धेश्य कम दाम में कपड़े की खूबसूरती को बढ़ाना रहता है। यदि आपको हल्का और एलिगेंट लुक पसंद है तो अपने कपड़ों में लेस लगवा सकते हैं।
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कैसे हुई गोटा पत्ती की उत्पत्ति
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कैसे हुई गोटा पत्ती की उत्पत्ति
गोटा पत्ती की उत्पत्ति की बात करें तो ये एक पारंपरिक राजस्थानी कला मानी जाती है। शुरुआती समय में कुशल कारीगर महंगी धातु यानी कि सोने और चांदी के तत्वों को कपड़े में कुशलता से बुनते हैं। ये कारीगर अपनी मेहनत के बल से खूबसूरत पैटर्न और डिज़ाइन कपड़ों पर बनाते हैं, जिसे गोटा पत्ती कहा जाता है।
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कैसी होती है बनावट ?
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कैसी होती है बनावट ?
एक समय था जब गोटा पट्टी पर सोने-चांदी की बनावट होती थी, लेकिन आज के समय में सिर्फ रंग-बिरंगे रिबन के जरिए इस गोटा पत्ती को तैयार किया जाता है। इसका इस्तेमाल लहंगा, साड़ी, सूट, दुपट्टा और खासतौर पर शादी-ब्याह के परिधान को खूबसूरत बनाने में किया जाता है।
अब आखिर में बात करते हैं इसकी कीमत और इस्तेमाल करने की वजह की तो गोटा पत्ती जब कपड़ों पर लगाई जाती है, तो इससे कपड़ों में काफी रॉयल लुक आता है। अपनी रॉयल्टी की वजह से ही इसके दाम थोड़ा ज्यादा होते हैं। चमकीली पत्तियां, बेलें और फूल किसी भी कपड़े में चार चांद लगाने का काम करते हैं।