ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ऐसी महिलाओं के काफी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं, जो उनकी पूजा सोलह श्रृंगार करके करती हैं। आज हम आपको महिलाओं के 16 श्रृंगार के साथ-साथ इसका महत्व भी बताएंगे।
Chaitra Navratri 2023: आपने हिंदू धर्म की महिलाओं को अक्सर 16 श्रृंगार की बातें करते हुए सुना होगा। वहीं दूसरी तरफ महिलाओं के 16 श्रृंगारों का जिक्र आए दिन फिल्मों में भी होता है। इसी के चलते आज हम इसी बारे में आपको बताने जा रहे हैं। दरअसल, नवरात्रि के मौके पर माता के इन श्रंगारों का काफी ज्यादा महत्व होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि माता रानी को महिलाओं के 16 श्रृंगार अतिप्रिय होते हैं।
यही वजह है कि जब महिलाएं जब अपने घर में माता रानी की स्थापना करती हैं तो वो पूरे 16 श्रृंगार करके ही मां दुर्गा की आराधना करती है। ऋग्वेद में भी सोलह श्रृंगार का वर्णन किया गया है। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ऐसी महिलाओं से काफी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं, जो उनकी पूजा सोलह श्रृंगार करके करती हैं। आज हम आपको महिलाओं के 16 श्रृंगार के नामों के साथ-साथ इसका महत्व भी बताएंगे।
विज्ञापन
2 of 19
ऋग्वेद में है इसका जिक्र
- फोटो : instagram
ऋग्वेद में है इसका जिक्र
अगर बात करें पुरानी मान्यताओं की तो ऋग्वेद में भी सोलह श्रृंगार का वर्णन किया गया है। ऋग्वेद में कहा गया है कि सोलह श्रृगांर करने से न केवल खूबसूरती बढ़ती है बल्कि भाग्य भी अच्छा होता है।
जानें इसका अर्थ
सोलह श्रृंगारों में से हर एक श्रृंगार को आस्था से जोड़ा जाता है। जैसे बिंदी को भगवान शंकर के तीसरे नेत्र से जोड़कर देखा जाता है। सिंदूर का मतलब सौभाग्य और सुहाग की निशानी से है। इसी प्रकार हर चीज का एक अलग महत्व होता है।
विज्ञापन
3 of 19
16 श्रृंगार
- फोटो : ballia
क्या होतें हैं 16 श्रृंगार
भारतीय महिलाओं के 16 श्रृंगार में लाल जोड़ा, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, गजरा, काजल, मांग टीका, चूड़ियां, नथ, बाजूबंद, कानों के झुमके, पायल, अंगूठी, बिछिया, मंगलसूत्र और कमरबंद शामिल होता है।
4 of 19
bindi
बिंदी
कुमकुम या बिंदी को माथे पर लगाना पवित्र माना जाता है
विज्ञापन
5 of 19
सिंदूर
- फोटो : फाइल
सिंदूर
हिंदू धर्म में सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है।
विज्ञापन
6 of 19
काजल
- फोटो : istock
काजल
ये भी महिलाओं के 16 श्रृंगार में शामिल है।
विज्ञापन
7 of 19
मेहंदी डिजाइन
- फोटो : instagram
मेहंदी
मेहंदी के बिना हर सुहागन का श्रृंगार अधूरा माना जाता है।
8 of 19
लाल रंग का जोड़ा
लाल रंग का जोड़ा
माता रानी को लाल रंग बहुत प्रिय होता है, इसलिए 16 श्रंगारों में इसे शामिल किया गया है।
9 of 19
गजरा
- फोटो : instagram/weddingwireindia
गजरा
बालों को संवारने के साथ ही उनकी सुंदरता बढ़ाने के लिए गजरा लगाया जाता है।
10 of 19
मांग टीका
- फोटो : social media
मांग टीका
मांग टीका हर लड़की की सुंदरता में चार चांद लगा देता है।
11 of 19
नथ
- फोटो : सोशल मीडिया
नथ
सुहागिन स्त्रियों के लिए नाक में आभूषण पहनना अनिर्वाय माना जाता है।
12 of 19
झुमके
- फोटो : instagram
कानों में झुमके
कान में पहने जाने वाले झुमके चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने का काम करते हैं।
13 of 19
मंगलसूत्र
मंगलसूत्र
हर भारतीय शादीशुदा महिला का सबसे खास और पवित्र गहना मंगल सूत्र माना जाता है।
14 of 19
बाजूबंद
बाजूबंद
इसे बाजुओं पर बांधा जाता है। पहले सुहागिन स्त्रियों के लिए हमेशा बाजूबंद पहने रहना अनिवार्य माना जाता था।
15 of 19
रंग-बिरंगी चूड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
चूड़ियां
भारतीय घरों में चूड़ियां सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं।
16 of 19
अंगूठी
- फोटो : iStock
अंगूठी
अंगूठी को सदियों से पति-पत्नी के आपसी प्यार और विश्वास का प्रतीक माना जाता रहा है।
17 of 19
कमरबंद
कमरबंद
कमरबंद इस बात का प्रतीक है कि सुहागन अब अपने घर की स्वामिनी है।
18 of 19
बिछुआ
बिछुआ
हर भारतीय शादीशुदा महिला के लिए बिछुआ पहनना काफी जरूरी होता है।