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Skin Care Tips: बारिश में ऑइली स्किन का रखें ख्याल, ये 5 तरीके दिलाएंगे त्वचा की समस्या से राहत

Tue, 09 Aug 2022 09:29 PM IST
स्वाति शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ऑइली स्किन को लेकर चिंतित न हों - फोटो : istock
बरसात का मौसम आया नहीं कि कुछ लोगों की त्वचा पर दाने, मुहांसे, खुजली, कॉम्प्लेक्शन पर असर और चिपचिपेपन जैसी समस्याएं सिर उठाने लगती हैं। यूं समस्या किसी के भी साथ हो सकती है लेकिन तैलीय यानी ऑइली त्वचा वालों के लिए यह मौसम कुछ ज्यादा ही मुश्किलें खड़ी करने लगता है। इसकी वजह से कई बार चिड़चिड़ापन, गुस्सा, फ्रस्ट्रेशन और निराशा भी मन में घर करने लगती है कि मेरी ही त्वचा पर इतनी परेशानियां क्यों? कई बार सार्वजनिक स्थानों पर निकलने के पहले मन में दुविधा होने लगती है कि क्या करें जिससे त्वचा पर अतिरिक्त तेल न दिखे या मेकअप ठीक तरह से काम कर पाए, आदि।  ऑइली स्किन कई मुश्किलों का कारण बन सकती है। खासकर बारिश जैसे मौसम में। जब नमी, चिपचिपाहट, पसीना, आदि मिलकर त्वचा के सामने और भी ज्यादा चुनौतियां पैदा कर देते हैं। लेकिन अगर प्राकृतिक रूप से आपको यह त्वचा मिली है तो इसको लेकर निराश होने या परेशान होने की जरूरत नहीं। कुदरत ने आपको जो भी रंग-रूप दिया है उसे लेकर मन में आत्मविश्वास रखें। थोड़ी सी सावधानी और कुछ बातों का ध्यान रखकर आप ऑइली त्वचा को भी स्वस्थ और प्रॉब्लम फ्री रख सकते हैं। 
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बारिश में बढ़ जाती हैं समस्याएं - फोटो : istock
मुहांसों से लेकर डलनेस तक 

बारिश के मौसम में हवा में मौजूद नमी स्किन के लिए कई मुश्किलें साथ लेकर आती है। केवल नमी ही बारिश के दौरान होने वाली समस्याओं का कारण नहीं है। आसमान से गिरने वाला पानी और बीच बीच में तेज होती सूरज की किरणें भी समस्या पैदा कर सकती हैं। बैक्टीरिया, फंगस और जर्म्स के पनपने के लिए यह सबसे आसान वातावरण होता है। हवा में मौजूद धूल, धुआं और गंदगी भी इस नमी के साथ मिल जाती है और शरीर पर इसका आसान शिकार होती है त्वचा। बारिश में त्वचा संबंधी दिक्कतें आम हैं लेकिन तैलीय त्वचा यानी ऑइली स्किन वालों के लिए मुश्किलें अधिक होती हैं। इस मौसम में मुहांसों, फुंसियों से लेकर रैशेस, एक्ने, ब्लैकहेड्स, पिग्मेंटेशन, धब्बे आदि तक त्वचा पर उभरने लगते हैं और यह केवल चेहरे तक सीमित नहीं रहते, पीठ, सीने, बाँहों में भी ये समस्याएं होने लगती हैं। चिपचिपाहट के साथ पसीने का आना दिक्कतों को और बढ़ा देता है। 
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त्वचा पर झलकने लगता है चिपचिपापन - फोटो : Pixabay
ऑइली त्वचा की मुश्किल 

मानसून या बारिश के दौरान ऑइली त्वचा वाले इसलिए अधिक परेशान होते हैं क्योंकि उनकी त्वचा से पहले ही ज्यादा मात्रा में सीबम का उत्पादन होता है। सीबम एक तैलीय, मोम की तरह का पदार्थ होता है जो शरीर द्वारा प्राकृतिक तौर पर पैदा किया जाता है। सामान्यतौर पर इसका उत्पादन त्वचा पर हलकी और प्राकृतिक मॉइश्चराइजर की परत लगाने का होता है जो त्वचा में नमी बनाये रखती है और सुरक्षा भी करती है लेकिन ऑइली त्वचा पर इसका उत्पादन सामान्य से अधिक होता है। इसके साथ मिल जाते हैं पसीना, डेड स्किन सेल्स और धूल के बहुत छोटे छोटे कण भी। ये सभी मिलकर त्वचा के रोम छिद्रों को कवर कर देते हैं। यही बनती है वजह समस्याओं की। 
 

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चेहरे को साफ़ पानी से धोएं - फोटो : Pixabay
चुनिए सही देखभाल

सबसे पहली चीज है चेहरे की सफाई। यदि आप सामान्य फोम फेस वॉश या नीम युक्त फेस वॉश का उपयोग करते हैं तो वह कीजिए वरना मेडिकेटेड फेस वॉश भी डॉक्टर की सलाह से उपयोग किया जा सकता है। दिनभर में कम से कम दो बार और रात को सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह सामान्य तापमान वाले साफ़ पानी से धोना और थपथपा कर पोंछना जरूरी है। यदि एक्सरसाइज कर रहे हैं तो उसके बाद भी चेहरे को धोएं जरूर। याद रखिये आपका नैपकिन, टॉवल या चेहरा पोंछने का कपड़ा भी एकदम साफ़ होना चाहिए। बारिश में टर्किश या रोयेंदार टॉवल की जगह कॉटन का टॉवल या नैपकिन बेहतर विकल्प होगा। यह सूखेगा भी जल्दी और नमी को पकड़कर नहीं रखेगा। अक्सर बारिश के दिनों में कई समस्याएं नमी वाले कपड़ों, टॉवल आदि की वजह से भी होती हैं क्योंकि यहाँ जर्म्स, फंगस और बैक्टीरिया आदि को पनपने का पूरा माहौल मिलता है। 
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चुनें सही उत्पाद - फोटो : Pixabay
सही प्रोडक्ट्स ही चुनें 

मॉइश्चराइजर हो या बॉडी लोशन या फिर क्रीम, ऑइल फ्री और सही इंग्रेडिएंट्स से बने प्रोडक्ट आपकी त्वचा को राहत की सांस लेने का मौका देंगे। कई बार ऐसा होता है कि हम घर में जो भी उपलब्ध हो, वही त्वचा पर लगा लेते हैं। इससे त्वचा और भी बुरी स्थिति में आ जाती है। चूँकि आपकी त्वचा पहले से ही अधिक मात्रा में प्राकृतिक तेल का निर्माण कर रही है। इसलिए आपको जरूरत है ऐसे उत्पादों की जो त्वचा को हायड्रेट रखें, रोमछिद्रों को बंद न होने दें और पोषण भी दें। ऑइल फ्री उत्पादों के अलावा आप ऐसे उत्पाद चुन सकते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट्स, अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड्स (ग्लाइकॉलिक एसिड या सैलिसिलिक एसिड), बेंज़ोइल पैरॉक्साइड और हायल्यूरॉनिक एसिड हो। ये उत्पाद अतिरिक्त सीबम उत्पादन को नियंत्रित करते हैं और त्वचा में जरूरी नमी भी बनाये रखते हैं। अल्कोहल बेस्ड क्लींजर का उपयोग भी न करें तो ज्यादा अच्छा। 
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मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं - फोटो : Pixabay
क्लीनिंग, टोनिंग और मॉश्चराइजिंग है जरूरी
 
केवल चेहरा साफ़ करने भर से आपको समस्या का हल नहीं मिलेगा। अगर आप ये सोचते हैं कि त्वचा से इतना तेल निकलने के बाद इसे मॉइश्चराइजर की क्या जरूरत, तो आप बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। ऑइली स्किन को पोषण और सही देखभाल के लिए मॉइश्चराइजर भी जरूरी है। साथ ही इसके ऊपर सनस्क्रीन अप्लाई करना भी न भूलें। आप ऐसा मॉइश्चराइजर भी चुन सकते हैं जिसमें एसपीएफ 30 तक वाला सनस्क्रीन भी शामिल हो। इससे आपका काम एक ही प्रोडक्ट में हो जायेगा। जितनी बार चेहरा धोएं उतनी बार मॉइश्चराइज करना भी जरूरी है। रात को सोने से पहले भी मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। आप ऑर्गेनिक या हर्बल स्क्रब का उपयोग भी कर सकते हैं। इससे चेहरे से अतिरिक्त तेल के साथ ही मृत त्वचा को हटाने में मदद मिलेगी जो कि रोमछिद्रों को बंद कर मुहांसों आदि की समस्या को बढ़ाती है। 
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मड पैक का भी कर सकते हैं उपयोग - फोटो : istock
घरेलू तरीके भी हो सकते हैं सहायक 

सदियों से घरेलू नुस्खे हमारे लिए असरदार रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इनके साइड इफेक्ट्स कम से कम होते हैं, जब तक कि कोई व्यक्ति किसी चीज से एलर्जिक ही न हो। अन्यथा कोई भी आसानी से घर में मौजूद बेसन, मुल्तानी मिटटी, गुलाबजल, दही, आदि का उपयोग उबटन से लेकर क्लींजर तक के रूप में कर सकता है। ऑइली स्किन के लिए भी गुलाबजल और मुल्तानी मिटटी असरदार हो सकते हैं लेकिन इनका प्रयोग सही मात्रा में करें। कॉटन में गुलाबजल लेकर चेहरे को थपथपाकर पोंछने से अतिरक्त तेल त्वचा से हट जायेगा और त्वचा निखरी हुई, ताजगी से भरपूर नजर आएगी। मुल्तानी मिटटी से बने मड पैक से त्वचा में नमी और कसावट को बनाये रखने में मदद मिलती है। 

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मेकअप भी वॉटर बेस्ड ही चुनें - फोटो : pixabay
यह बातें भी रखें ध्यान में 
  • केवल फेस वॉश और क्लींजर आदि ही नहीं, आपका मेकअप भी वॉटर बेस्ड होना चाहिए। ऑइल फ्री और वॉटर बेस्ड मेअकप त्वचा को अतिरिक्त तेल से मुक्त रखने में मददगार होते हैं। साथ ही इनको लगाने के बाद चिपचिपेपन की समस्या से भी बचाव होता है। 
  • मेकअप हमेशा रिमूव करके ही सोएं। रात भर चेहरे पर लगा मेकअप, न तो त्वचा को सांस लेने का मौका देगा न ही रिपेयरिंग का। ऐसे में रात भर त्वचा पर इकट्ठा हुआ तेल कई सारी परेशानियां खड़ी कर देगा। आपको फुंसियों, मुहांसों, दानों आदि के साथ रैशेज आदि की समस्या भी हो सकती है। इसलिए चाहे कुछ भी हो जाए, रात को सोने से पहले मेकअप साफ़ करके सोने की आदत जरूर डालें। 
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पानी पीते रहें - फोटो : Pixabay
खुद को हायड्रेट रखें, पोषण दें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीने का ध्यान जरूर रखें। बारिश के दिनों में अक्सर पानी का इंटेक कम हो जाता है। आपको स्वयं ही ध्यान रखकर पानी पीना होगा। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर भी करेगा और त्वचा को हायड्रेट रखने में भी मदद करेगा। इसके अलावा अपने भोजन में ऑइली फ़ूड कम से कम शामिल करें, फाइबर से भरपूर खाना और फल-सब्जियां खाएं। ये आपके पाचन को दुरुस्त रखने के साथ ही त्वचा को पोषण देने का भी काम करेंगी। 
  • बार बार अपने चेहरे पर हाथ लगाने से बचें। जितनी बार आप चेहरे पर हाथ लगाएंगे उतनी ही बार उँगलियों पर लगी गंदगी और जर्म्स आदि चेहरे पर पहुंचकर त्वचा के लिए परेशानियां पैदा करेंगे। ऑइली त्वचा के मामले में यह नुकसान सामान्य त्वचा की तुलना में दोगुना हो सकता है। तो अगर आपको दिन में चेहरा पोंछना भी हो तो ब्लॉटिंग पेपर जैसे साधनों का उपयोग करें और उनसे भी थपथपाकर ही चेहरा पोंछें, त्वचा को रगड़ें बिलकुल नहीं।
     
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