बारिश में बढ़ जाती हैं समस्याएं
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मुहांसों से लेकर डलनेस तक
बारिश के मौसम में हवा में मौजूद नमी स्किन के लिए कई मुश्किलें साथ लेकर आती है। केवल नमी ही बारिश के दौरान होने वाली समस्याओं का कारण नहीं है। आसमान से गिरने वाला पानी और बीच बीच में तेज होती सूरज की किरणें भी समस्या पैदा कर सकती हैं। बैक्टीरिया, फंगस और जर्म्स के पनपने के लिए यह सबसे आसान वातावरण होता है। हवा में मौजूद धूल, धुआं और गंदगी भी इस नमी के साथ मिल जाती है और शरीर पर इसका आसान शिकार होती है त्वचा। बारिश में त्वचा संबंधी दिक्कतें आम हैं लेकिन तैलीय त्वचा यानी ऑइली स्किन वालों के लिए मुश्किलें अधिक होती हैं। इस मौसम में मुहांसों, फुंसियों से लेकर रैशेस, एक्ने, ब्लैकहेड्स, पिग्मेंटेशन, धब्बे आदि तक त्वचा पर उभरने लगते हैं और यह केवल चेहरे तक सीमित नहीं रहते, पीठ, सीने, बाँहों में भी ये समस्याएं होने लगती हैं। चिपचिपाहट के साथ पसीने का आना दिक्कतों को और बढ़ा देता है।