आँखों का सुरक्षा कवच हैं पलकें
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पलकें हैं सुरक्षा कवच
आँखों के ऊपर सजे ये चंद बाल किसी सजीले-गठीले सुरक्षाकर्मी से कम चौकस नहीं होते। ये आपकी आँखों में धूल, धुआँ, गंदगी आदि के बारीक कणों को जाने से तो रोकते ही हैं, आँखों के ऊपर एक तरह का कवर हमेशा बनाये रखते हैं। ताकि आँखों को बिना किसी नुकसान या बाधा के अपना काम करने का अवसर मिल सके। सामान्यतः पलकों के निचले हिस्से में 75-80 बाल होते हैं जबकि ऊपरी हिस्से में करीबन 90-160। पलकों की संरचना को मुख्यतः तीन हिस्सों पलकें, जड़ और बल्ब में बांटा जाता है। यह बल्ब जो कि सबसे नीचे का हिस्सा होता है, यही अंदर ब्लड वेसल्स से जुड़ा होता है। इसका जीवन चक्र करीब 4-11 महीनों का होता है। स्वस्थ पलकें हमेशा घनी, लम्बी, चमकीली और थोड़ी सी मुड़ी हुई होती हैं। जबकि पतली, कमजोर और छोटी-रूखी पलकें, समस्या का संकेत हो सकती हैं।