फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Eyelashes: झड़ती पलकों से परेशान हैं तो ये तरीके देंगे राहत

Sat, 27 Aug 2022 02:57 PM IST
स्वाति शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
सुंदर और घनी पलकें - फोटो : istock
खूबसूरत, घनी और मुड़ी हुई पलकें किसको पसंद नहीं आतीं। ये चेहरे की खूबसूरती के साथ ही पूरे व्यक्तित्व को आकर्षक बना सकती हैं। मुश्किल यह है कि हर एक को ऐसी पलकें प्राकृतिक रूप से नहीं मिलतीं। जिनको मिलती हैं कई बार वे भी इन्हें खराब कर लेते हैं। ऐसे में आँखों का लुक तो बिगड़ता ही है, आँखों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। पलकों की खूबसूरती को बनाये रखने के लिए प्रयास शुरू से किये जाने चाहिए। यदि कम उम्र में इन्हें नजरअंदाज किया गया तो आगे जाकर ये हमेशा के लिए क्षतिग्रस्त भी हो सकती हैं। इसलिए कोशिश करें कि प्राकृतिक रूप से मिली पलकों की देखभाल सही तरीके से हो। कुछ सामान्य टिप्स और कुछ प्रोफेशनल मदद भी आपकी पलकों को होने वाले नुकसान से बचा सकती है और थोड़े बहुत हो चुके नुकसान को ठीक भी कर सकती है। जानिए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में। 
विज्ञापन

2 of 5
आँखों का सुरक्षा कवच हैं पलकें - फोटो : getty images
पलकें हैं सुरक्षा कवच 

आँखों के ऊपर सजे ये चंद बाल किसी सजीले-गठीले सुरक्षाकर्मी से कम चौकस नहीं होते। ये आपकी आँखों में धूल, धुआँ, गंदगी आदि के बारीक कणों को जाने से तो रोकते ही हैं, आँखों के ऊपर एक तरह का कवर हमेशा बनाये रखते हैं। ताकि आँखों को बिना किसी नुकसान या बाधा के अपना काम करने का अवसर मिल सके। सामान्यतः पलकों के निचले हिस्से में 75-80 बाल होते हैं जबकि ऊपरी हिस्से में करीबन 90-160। पलकों की संरचना को मुख्यतः तीन हिस्सों पलकें, जड़ और बल्ब में बांटा जाता है। यह बल्ब जो कि सबसे नीचे का हिस्सा होता है, यही अंदर ब्लड वेसल्स से जुड़ा होता है। इसका जीवन चक्र करीब 4-11 महीनों का होता है। स्वस्थ पलकें हमेशा घनी, लम्बी, चमकीली और थोड़ी सी मुड़ी हुई होती हैं। जबकि पतली, कमजोर और छोटी-रूखी पलकें, समस्या का संकेत हो सकती हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
आँखों को बेवजह रगड़ने से बचें - फोटो : iStock
समस्याएं और कारण 

पलकों का झड़ना एक आम बात भी हो सकती है। कई बार आँखों को जोर से खुजाने या रगड़ लेने से भी पलकें टूटकर बाहर आ जाती हैं। कई बार इनकी ग्रोथ ठीक से नहीं हो पाती तो कई बार ये बहुत ड्राय हो जाती हैं। ऐसे में ध्यान न देने पर पलकों को स्थाई नुकसान भी पहुँच सकता है। यदि पलकें लम्बे समय तक और ज्यादा मात्रा में झड़ें तो उसके पीछे ये कारण भी हो सकते हैं-
 
  • गलत मेकअप का इस्तेमाल या गलत तरीके से मेकअप का इस्तेमाल 
  • कोई एलर्जी 
  • नकली पलकों का इस्तेमाल 
  • आँखों को बार-बार खुजलाना या रगड़ना
  • आँखों की त्वचा पर किसी रसायन का उपयोग 
  • किसी प्रकार बीमारी जैसे एलोपेशिया, थाइरॉइड संबंधी अनियमितता या एक्जिमा, आदि 
  • स्ट्रेस 
  • पोषण की कमी 
  • किसी विशेष दवाई का सेवन, आदि 

4 of 5
हलके हाथों से करें पलकों की मसाज - फोटो : getty images
ऐसे रखें ख्याल
 
जैसा ध्यान आप चेहरे या त्वचा का रखते हैं वैसे ही पलकों के स्वास्थ्य को लेकर भी सजग रहना जरूरी है। पलकों को होने वाला नुकसान केवल पलकों या आँखों को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, इसकी वजह से शरीर के भीतर तक भी संक्रमण पहुंच सकता है। इसलिए आवश्यक है कि पलकों की सेहत का भी ध्यान रखा जाये। पलकों को घना, चमकीला और स्वस्थ बनाये रखने के लिए किये जा सकने वाले कुछ उपाय इस प्रकार हैं-
  • अपनी उंगलियों के पोरों पर हल्का सा जैतून का तेल लें। यह तेल इतना ही हो कि आँख के अंदर न जा पाए केवल पलकों पर ही रहे। अब इससे एकदम हल्के हाथों से मालिश सी करते हुए, पलकों पर अंदर से बाहर की ओर लगाएं। रात को इसे लगाकर सोएं और सुबह उठकर मुंह धो लें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गुणवत्तापूर्ण मेअकप का उपयोग जरूरी - फोटो : insatgram
सीरम या विटामिन ई भी हैं अच्छे विकल्प 
  • यदि जैतून का तेल न हो तो बादाम का तेल, आईलैश सीरम या विटामिन ई से भी काम लिया जा सकता है। 
  • शरीर के अन्य हिस्सों की ही तरह पलकों को भी पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। पोषण की कमी पलकों को रूखा, बेजान और कमजोर बना सकती है।अपने भोजन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, हरी पत्तेदार सब्जियां और हेल्दी फैट शामिल करें ताकि लैशेस की ग्रोथ अच्छी हो और वे घनी बनी रहें। 
  • यदि आप ज्यादा देर कम्प्यूटर या मोबाइल पर समय बिताते हैं तो इस पर भी नियंत्रण जरूरी है।
  • पलकों और आँखों की एक्सरसाइज करें और पर्याप्त नींद भी लें। 
  • आईलैशेज कॉम्ब यानी पलकों पर किये जाने वाले कंघे का उपयोग नियमित करें। 
  • आईलैश सीरम भी पलकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें