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Vaani Kapoor Interview: अक्षय कुमार पर बकाया मेरी जीती हुई रकम, अगली बार मिलेंगे तो वसूली जरूर करूंगी

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वाणी कपूर - फोटो : अमर उजाला
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फिल्म ‘बेफिकरे’ की शायरा गिल अब ‘बदतमीज गिल’ बन चुकी है। जी हां, यशराज फिल्म्स की फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ से अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने वाली अभिनेत्री वाणी कपूर की नई फिल्म का यही नाम है। वाणी हाल ही में इस फिल्म की शूटिंग करके बरेली से लौटी हैं। इसके अलावा उन्होंने अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘खेल खेल में’ और अजय देवगन के साथ फिल्म ‘रेड 2’ की शूटिंग भी करीब करीब पूरी कर ली है। अपने व्यस्त समय से कुछ वक्त निकालकर वाणी कपूर ने ये बातचीत की, ‘अमर उजाला’ के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल से।
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परेश रावल, वाणी कपूर, अपारशक्ति खुराना - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘शुद्ध देसी रोमांस’ के किरदार तारा से लेकर ‘बदतमीज गिल’ तक आते आते बतौर अभिनेत्री अब कितना विश्वास आ चुका है अपने ऊपर?
खूब सारा काम करके खूब सारा आत्मविश्वास तो आता ही, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन, आत्मविश्वास से ज्यादा जरूरी है, उस किरदार को करने के लिए आस्था होना। बीते 10 साल में मैंने ज्यादा फिल्में की नहीं हैं और मुझे तो लगता है कि जैसे मेरी शुरुआत अब हो रही है। मैं अब भी शूटिंग पर पहुंचती हूं तो नर्वस हो जाती हूं। उस मकाम पर भी अभी नहीं पहुंची हूं जहां मुझे लगे कि मैं कुछ भी कर सकती हूं।
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वाणी कपूर {वॉर } - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इन दिनों यशराज फिल्म्स स्पाई यूनिवर्स की फिल्म ‘वॉर 2’ की खूब चर्चा हो रही है, इस फिल्म को देखते समय दर्शक ‘वॉर’ की नैना को कितना याद करेंगे?
‘वॉर’ बहुत ही शानदार फिल्म थी। इसके निर्देशक सिद्धार्थ आनंद के साथ, साथी कलाकार ऋतिक रोशन के साथ मैं दोबारा काम कर सकूं तो ये मेरी खुशकिस्मती होगी। नैना का किरदार बहुत ही खास तरीके से गढ़ा गया था। मैं और सिद्धार्थ जब फिल्म की पटकथा साथ पढ़ने बैठते थे तो इस बारे में बहुत विचार किया करते थे कि नैना के किरदार का आधार, इसकी अंतर्धारा कैसे मजबूत की जा सकती है। हम नहीं चाहते थे कि ये किरदार बस फिल्म में होने भर के लिए ही हो।

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खेल खेल में रैप - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘बदतमीज गिल’ के अलावा आपने हाल ही में अजय देवगन के साथ ‘रेड 2’ और अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘खेल खेल में’ भी पूरी की है। ‘बेलबॉटम’ के बाद अक्षय कुमार के साथ आपकी ये दूसरी फिल्म है..
अक्षय के साथ काम करना एक अलग ही आनंद है। वह खुद भी बहुत खुशमिजाज इंसान हैं। शूटिंग नहीं भी हो रही हो तब भी सबके साथ रहना ही पसंद करते हैं। खूब हंसी मजाक करते हैं। मौका मिलता था तो हम लूडो पर बाजी लगाकर खेलते थे। 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की हमारी बाजी होती थी और अगर बाजी अक्षय जीत गए तो फिर तो आपको उनको पैसे देने ही पड़ेंगे। लेकिन, अक्षय मुझसे हारे हैं और मेरे पैसे भी उन पर बकाया है। वह शायद भूल गए हों, लेकिन अगली बार मिलेंगे तो मैं वसूली जरूर करूंगी। अगर अजय देवगन की बात करें तो वह काम में डूबे रहने वाले कलाकार हैं। फिल्म ‘रेड 2’ की पटकथा बहुत ही कमाल की है।
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अहा कल्याणम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपकी तो दूसरी फिल्म ही साउथ सिनेमा की फिल्म थी। इन दिनों ऐसी भारतीय फिल्में खूब बन रही हैं जिनमें सभी भाषाओं के कलाकारों के होते हैं, आपका इस बारे में क्या कहना है?
मैं भी मानती हूं कि हम भारतीय सिनेमा हैं और सारी भाषाओं के कलाकारों को साथ काम करना ही चाहिए। इसे पैन इंडिया जैसा नाम न देकर भारतीय सिनेमा ही कहना बेहतर होगा। इन दिनों मलयालम सिनेमा में बहुत अच्छी अच्छी फिल्में बन रही हैं। उनकी कहानियों को और भी विस्तार मिले। मुझे मौका मिले तो मैं भी ऐसी फिल्मों में काम करना चाहूंगी। मैं हमेशा से बौद्धिक सिनेमा करना चाहती रही हूं। साउथ में मुझे साई पल्लवी की काम बहुत पसंद है। अल्लू अर्जुन बहुत ही मनोरंजक अभिनेता हैं।
 
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रणबीर कपूर और वाणी कपूर{शमशेरा} - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
साई पल्लवी का आपने जिक्र किया और उनकी रणबीर कपूर के साथ बन रही फिल्म ‘रामायण’ की इन दिनों बहुत चर्चा है। रणबीर के साथ आपने फिल्म ‘शमशेरा’ की थी। कितना जाना आपने रणबीर को, इस शूटिंग के दौरान?
वह अभिनेता जितने कमाल के हैं, इंसान उससे भी कमाल के हैं। बहुत ही विनम्र, बहुत ही जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। एक सुपरस्टार होने का कोई फितूर नहीं पालते हैं। कभी ये नहीं कहते कि उन्हें किसी खास तरह की तवज्जो दी जाए। प्रकृति के करीब रहना उन्हें बहुत पसंद है। हम नुब्रा वैली में शूटिंग कर रहे थे तो साथ में दूर तक पैदल घूमने चले जाते थे। कहीं जाना हो तो उनकी कोई जिद नहीं होती थी कि नहीं, मुझे यही गाड़ी चाहिए। मजाकिया भी वह बहुत हैं और दूसरों की टांग खींचने में उन्हें खूब मजा आता है।
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वाणी कपूर का पूरा परिवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, आपके माता-पिता कितने खुश हैं आपकी अब तक की अभिनय यात्रा से?
समय के साथ साथ वह दोनों भी काफी बदले हैं। सिनेमा और इसके लोगों को लेकर उनकी समझ पहले से ज्यादा विकसित हो चुकी है। उनका बहुत भरोसा रहा है मुझ पर और मेरा भी यही रहा है कि मैं कभी उनका भरोसा न तोड़ूं। ये हमारे बीच एक अनकहा सा समझौता है। वह मेरा हर कदम पर साथ देते हैं और मैं भी बहुत आज्ञाकारी बेटी की तरह रहती हूं। जो दायरा मैंने अपनी परवरिश के दौरान अपने चारों तरफ देखा है, उसके बाहर मैं खुद ही अपने आपको जाने नहीं देती।

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वाणी कपूर अपनी बहन और मां के साथ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
तो मम्मी ने फोटो भेजनी तो नहीं शुरू की इन दिनों कि देखोये लड़के देख रहे हैं हम तुम्हारे लिए..?
मेरे ऊपर ऐसा कोई दबाव उन्होंने कभी नहीं डाला। मेरा भी यही मानना है कि शादी से पहले आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना और खुद के भरोसे चलना बहुत जरूरी है। शादी तब होनी चाहिए जब आप मानसिक रूप से तैयार हों इसके लिए। किसी और के साथ जीवन बिताने का फैसला करने से पहले जरूरी है अपने साथ समय बिताना और खुद को जानना। बहुत जरूरी है ये पहचानना कि आप किस वजह से शादी कर रहे हैं।

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वाणी कपूर और सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपकी पहली फिल्म के पहले हीरो सुशांत सिंह राजपूत लोकप्रियता में अब भी तमाम दूसरे सितारों से कहीं आगे हैं..
सुशांत मेरा पहला साथी कलाकार है। और, वह ही मेरा पहला दोस्त भी था फिल्म जगत में। मैं उसे कभी भूल नहीं सकती। हमारी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी और हम लोगों ने बहुत अच्छा वक्त साथ में बिताया। हम दोनों बहुत ही साधारण परिवार से थे। ‘शुद्ध देसी रोमांस’ में मेरे ज्यादातर दृश्य उसी के साथ थे। हमारे बीच एक रिश्ता सा था। मैं सिर्फ यही कह सकती हूं कि वह एक बहुत ही ज्यादा प्रतिभाशाली और तेजवान नवयुवक थे।
 
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