उत्कर्ष शर्मा
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आप नई पीढ़ी के हैं, आपकी फिल्म में ऐसा क्या है जो इस पीढ़ी के लिए प्रासंगिक हो?
मुझे लगता है कि हमने बचपन में जब 'बागबान' और 'अपने' जैसी फिल्में देखी थीं तो उससे जुड़ाव महसूस किया था। अब जो मेरी उम्र के युवा हैं, जिन्हें लोग 'जेन जी' कहते हैं, वो भी इससे जुड़ाव महसूस करेंगे। मौजूदा दौर ऐसा है, जब लोग कहते हैं कि अरे, आप अपने माता-पिता के साथ रह लेते हैं? जैसे यह गाली हो गई। आप माता-पिता के साथ रहते हैं तो इसमें आपका सौभाग्य है।