कभी उनके बदन पे सितारे होते हैं तो कभी कप केक... वह कभी सिम कार्ड की दुकान नजर आती हैं तो कभी चांदी का वरक लगाकर चली आती हैं... यकीनन बात हो रही है अतरंगी उर्फी जावेद की, जिनके सतरंगी लिबास अक्सर सुर्खियों में रहते हैं... और कभी-कभी तो यूं भी लगता है कि हसरत जयपुरी ने 1969 में 'बदन पे सितारे' बोल भी उनके लिए ही लिख दिए थे... लेकिन आज चर्चा न हसरत जयपुरी की है और न ही उर्फी जावेद की। आज हम बात करेंगे उर्फी की चुनिंदा ड्रेस की। आइए जानते हैं कि चंद टुकड़ों में बनकर उर्फी के बदन पर सजने वाले ये लिबास कितने कीमती होते हैं?