दिलीप जोशी
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दिलीप जोशी ने आगे कहा, 'अगर आप वास्तव में सच्चाई ही दिखाना चाहते हैं तो लोगों को शौचालय जाते और नहाते हुए भी दिखा दीजिए। आप दर्शकों को क्या दिखाते हैं, ये मायने रखता है। जो आप देखते हैं, वह आपके साथ रहता है। क्या आप एक ऐसा समाज बनाना चाहते हैं जिसमें लोग केवल अपमानजनक भाषा का उपयोग करके बात करते हों? हर चीज के लिए एक सीमा होती है। यदि यह सीमा के भीतर है, तो यह सुखद है। यदि यह सीमा से बाहर चला जाता है, तो यह आपको परेशान करने लगता है।'