टेलीविजन इतिहास में बी आर चोपड़ा की 'महाभारत' उन सीरियल्स में से एक हैं जिसे दर्शक कभी दिलों दिमाग से नहीं निकाल पाए। दूरदर्शन चैनल पर नब्बे के दशक में रामायण के बाद कोई सीरियल लोगों को पसंद आया तो वह था महाभारत। महाभारत का एक एक किरदार हमेशा के लिए अमर हो गया। यहां तक की शो के नकारात्मक किरदार निभाने वाले कलाकारों को शो खत्म होने के बाद भी लोग उसी नजर से देखते थे। मानों हर किरदार उनके लिए उसली हो। महाभारत में एक किरदार द्रौपदी भी बहुत प्रसिद्ध हुआ था। इस किरदार को रूपा गांगुली ने निभाया। लेकिन उनके लिए द्रौपदी बनना आसान नहीं था। खासतौर से जब चीरहरण का सीन फिल्माया जा रहा था। तो रूपा गांगुली खुद को रोने से नहीं रोक पाई। आज रूपा गांगुली के 55वें जन्मदिन (25 नवंबर 1966) के मौके पर जानिए महाभारत में कैसे शूट किया गया था द्रौपदी के चीरहरण का दृश्य।
शूट से पहले डर गई थीं रूपा
रूपा गांगुली द्रौपदी के किरदार को बखूबी निभा रही थीं। फिर उन्हें बताया गया कि द्रौपदी के चीरहरण का दृश्य फिल्माया जाएगा। बीआर चोपड़ा ने रूपा से कहा था कि अगर किसी महिला को भरी सभा में उसके बाल खींचकर लाया जाए और उनके कपड़े उतारे जाएं तो उसपर क्या बीतेगी। बस रूपा को यही सोचकर सीन देना हैं। यह बात सोचकर रूपा पूरी तरह से डर गई थीं।
आधे घंटे तक रोती रहीं रूपा
रूपा ने पहले ही टेक में पूरा सीन किया था। वह सीन में इतनी खो गई थीं कि डायरेक्टर को एक भी रिटेक लेने की जरुरत नहीं पड़ी। सीन के पूरा होने के बाद रूपा गांगुली आधे घंटे तक रोती रहीं। उनके लिए इस दृश्य को फिल्माना बेहद दर्दनाक था। बाद में तमाम लोगों के समझाने के बाद वह चुप हुईं।
दो सौ पचास मीटर की साड़ी
द्रौपदी के चीरहरण को परफेक्ट बनाने के लिए दो सौ पचास मीटर की साड़ी का इंतजाम किया गया था। ताकि एक ही टेक में पूरा सीन फिल्माया जा सके। रूपा को इस सीन को फिल्माने के लिए लगातार गोल घूमना पड़ा था।
जूही चावला होतीं द्रौपदी
रूपा गांगुली से पहले द्रौपदी का किरदार जूही चावला को ऑफर किया गया था। यहां तक की जूही ने बीआर चोपड़ा के साथ एग्रीमेंट भी साइन कर लिया था। लेकिन तभी जूही की फिल्म कयामत से कयामत तक रिलीज हो गई। जिसके बाद उन्होंने द्रौपदी का किरदार निभाने से मना कर दिया। बाद में ये रोल रूपा गांगुली को मिला और उन्होंने बखूबी इस किरदार को जिया।