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नई पीढ़ी से रामायण को मिली प्रतिक्रिया से खुश हैं 'सीता', दीपिका चिखलिया बोलीं- 'शो का जादू अभी भी ताजा है'

Sat, 04 Apr 2020 01:40 PM IST
Avinash Pal अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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रामानंद सागर की रामायण का एक दृश्य - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दर्शकों की भारी मांग पर दूरदर्शन में अपने लोकप्रिय धारावाहिक 'रामायण' और 'महाभारत' को टीवी पर फिर से प्रसारित करने का फैसला किया और पिछले ही गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यह जानकारी दी कि 'रामायण' ने टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रामानंद सागर की रामायण को ऐसी प्रतिक्रिया मिलने के बाद धारावाहिक में माता सीता का किरदार निभाने वालीं अभिनेत्री दीपिका चिखलिया बहुत खुश हैं। दीपिका ने भी अपना शो टीवी पर देखा और उन्होंने कहा कि यह शो अभी भी लोगों को बांधे रखता है।
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Ramayan - फोटो : social media
शो शुरू होने के बाद लोगों से मिली प्रतिक्रिया के बारे में दीपिका कहती हैं, 'मैंने यह शो पिछले 33 साल में कभी नहीं देखा, लेकिन यह हमेशा से मेरे करीब ही रहा। क्योंकि मैं इस शो से आई मेरी तस्वीरें अक्सर देखा करती थी, इसलिए यह सब मेरे लिए कभी नया नहीं रहा। मैं अपने पहनावे से और अपने किरदार से हमेशा जुड़ी रही। मुझे पता था कि नई पीढ़ी जब इस शो को देखेगी तो उसकी प्रतिक्रिया कुछ अलग ही होगी। लेकिन मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि यह शो अभी भी लोगों को बांधे रखता है, और इसका जादू अभी भी कायम है।'
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ramayan - फोटो : file photo
अभिनेत्री दीपिका को लगता है कि इससे लोग बहुत कुछ सीख सकते हैं, जोकि आज भी लोगों के लिए बहुत जरूरी है। दीपिका कहती हैं, 'रामायण पूरी तरह से भावनाओं, रिश्तों, पारिवारिक मूल्यों और उनके प्रति हमारे कर्तव्य को सिखाने का काम करता है, जोकि आज के समय में बहुत ज्यादा जरूरी है। माता सीता ने जब भगवान राम के साथ वनवास जाने का फैसला किया तो वह सिर्फ उनका कर्तव्य नहीं था, बल्कि उन्होंने यह संकल्प लिया था कि वे स्वस्थ होने पर भी उतना ही साथ देंगी, जितना कि बीमारी में।' 

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महाभारत और रामायण के दृश्य - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि 80 के दशक में प्रसारित हुए रामानंद सागर के इस शो में अभिनेता अरुण गोविल ने भगवान राम का किरदार निभाया है। गौरतलब है कि रामानंद सागर की रामायण का प्रसारण साल 1987 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था। वहीं बीआर चोपड़ा की महाभारत का प्रसारण भी साल 1988 में पहली बार दूरदर्शन पर हुआ था।  रामायण और महाभारत को लोग इतने चाव से देखते थे कि सड़कों पर एक दम सन्नाटा होता था। इन धार्मिक कार्यक्रमों के प्रसारण के वक्त बाहर सड़कों का माहौल एक दम कर्फ्यू की तरह ही होता था।
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Ramayan Serial - फोटो : twitter
रामायण से जुड़ा एक किस्सा आपको बताते हैं कि रामायण के 78 एपिसोड पूरे होने के बाद दर्शको ने लव-कुश की कहानी की मांग की थी। इस कहानी के लिए रामानंद सागर तैयार नहीं थे और उन्होंने कहा कि अगर वो लव-कुश की कहानी बनाएंगे तो वो एक काल्पनिक कहानी होगी। इस कहानी के टीवी पर आते ही कई विवाद सामने आए और रामानंद सागर पर दस साल तक कोर्ट केस चला था।
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