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अमर उजाला पहुंचे पंकज उधास ने शेयर की दिल की बात, बोले- 'अब फिल्मों में कुछ भी सीरियस नहीं'

Fri, 31 Aug 2018 03:32 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उलाला
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पंकज उधास
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गजल किंग पंकज उधास अमर उजाला के साथ लाइव जुड़े हुए थे।इस दौरान पंकज ने फेसबुक लाइव दर्शकों के कई सवालों के जवाब दिए और उनकी फरमाइशों को पूरा किया ।  
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पंकज ने सबसे पहले अपनी पसंदीदा गजल 'और आहिस्ता..' गाकर सुनाया । उन्होंने बताया कि ये नज़्म आज के युवाओं को काफी पसंद है । इसके बाद बॉलीवुड में रिमिक्स के बढ़ते दौर के बारे में भी पंकज उधास ने बात की ।

उन्होंने कहा, 'आज मुझे गानों अच्छे शब्दों की कमी बहुत महसूस होती है । जब तक शब्द ना हो तब तक कोई बात पूरी नहीं होती ।' इसके अलावा पंकज जी ने आज के दौर में गजल गायकों की ऑडियंस में कितना फर्क आया है, पर भी अपनी बात रखी। 
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https://www.facebook.com/Amarujala/videos/639239353143641/?t=29

pankaj udhas - फोटो : twitter
इस पर उन्होंने बताया कि आज भी यूथ और पुराने लोग बड़ी ही मस्ती से गजलें सुनना चाहते हैं । पंकज को अच्छा लगता है जब उन्हें यूथ फरमाइश करती है गाने के लिए । इसके अलावा पंकज ने फिल्म 'मोहरा' का गाया हुआ गाना 'ना कजरे की धार...' भी गाया ।

रिमिक्स को लेकर पंकज बताते हैं कि आजकल फिल्म मेकर्स और प्रोड्यूसर चाहते हैं कि उनकी फिल्मों में ऐसे गाने हों जिसे सुनते ही लोग झूमने लगें । उन्होंने आगे कहा, 'शब्द किसी भी गाने की आत्मा होते हैं । अगर वो ही नहीं है तो इसमें कोई क्रिएटिविटी नहीं है ।'

'पुराने गानों को रिपैकेज करने में क्रिएटिविटी का इस्तेमाल नहीं होता । मैं रिमिक्स का बहुत बड़ा फैन नहीं हूं ।' बता दें कि पंकज उधास लंबे समय बाद अपना नया एल्बम 'कृष्ण चैंट' ला रहे हैं । यह एक भक्ति एल्बम होगा। पंकज ने इस पर भी बात की ।
 
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pankaj udhas
उन्होंने कहा, 'आज की इस व्यस्त जिंदगी में लोग चाहते हैं कि उन्हें थोड़ा सुकून मिले । इसलिए मैंने कृष्ण के कुछ मंत्रों को रिकॉर्ड किया और मुझे लगता है इसे सुनने के बाद लोग कुछ सुकून महसूस करेंगे ।' साथ ही फिल्मों में गजलों के गायब होने पर भी पंकज ने जवाब दिया ।

उन्होंने कहा कि अब फिल्म इंडस्ट्री का दौर ही बदल गया है । अब फिल्मों में सीरियस काम कम होता है । लोग आइटम सॉन्ग की डिमांड करते हैं । अगर आज भी फिल्मों गजलों को लाया जाए तो वो बिल्कुल पॉपुलर होगा।
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