'दिल जैसे धड़के धड़कने दो' की टीम के साथ महेश भट्ट
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अमर उजाला से बातचीत के दौरान महेश भट्ट ने बताया कि यह शो दो बच्चों युग और ईथी की कहानी है। ईथी के साथ बचपन में एक दुर्घटना होती है जिसकी वजह से उसकी जिंदगी में उदासी छा जाती है। तभी उसकी जिंदगी में युग आता है और उसकी जिंदगी में फिर से खुशियों की तरफ लौटने लगती है। इसी बीच एक देवगुरु की एंट्री होती है। जो पहले एक डॉक्टर थे। लेकिन एक घटना के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनकी पिछली जिंदगी कुछ भी नहीं थी। तुम्हारी जिंदगी अब शुरू होती है। तुम्हारी धड़कने इसलिए रोकी थी ताकि तुम्हारा पुनर्जन्म हो सके। इस जन्म में तुम्हें सिर्फ एक काम करना है। मैं इस दुनिया में एक देवी के रूप में जन्म लूंगी। तब मुझे अपने आश्रम की गद्दी पर ले जाकर बैठाना जिसके बाद मनुष्य जाति का कल्याण होगा। हालांकि दोनों बच्चों द्वारा इस बात को पचा पाना मुश्किल होता है।