निया शर्मा
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘खतरों के खिलाड़ी – मेड इन इंडिया’ को लेकर हाइप यही बनाई गई कि ये सौ फीसदी देसी और पेसी रोमांच वाला खेल है, लेकिन जब इसका रविवार को फिनाले हुआ तो ये भी समझ आया कि असली सोना असली होता है और मुलम्मा सिर्फ मुलम्मा। बनावटी स्टंट्स और जबर्दस्ती के ड्रामे वाले शो का अंजाम वैसा ही हुआ है जैसा सबको पता था। शो के आखिर में जब निया शर्मा को विजेता घोषित किया गया तो दर्शकों में किसी तरह का उत्साह इस पल के लिए नजर नहीं आया। सब कुछ पहले से तय लग रहा था और शो की स्क्रिप्टिंग बहुत ही खराब रही।