सुशील कुमार
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दिल्ली में शुरू किया कैब बिजनेस
सुशील आगे लिखते हैं कि, "इस दौरान कुछ अच्छा भी हुआ। उन्होंने दिल्ली में अपने दोस्त के साथ मिलकर किराए पर कुछ कार चलवाना शुरू की। इस काम से उन्हें महीने में कुछ दिनों के लिए दिल्ली आना होता था। इस दौरान उनकी पहचान JNU के स्टूडेंट्स से हुई, जिसके बाद उन्हें यह अहसास हुआ कि वह कुएं के मेंढक हैं, जिसे बहुत सारी बातों की जानकारी नहीं थी।"
ऐसे आई कंगाल होने की खबर
अपनी कंगाली के बारे में सुशील बताते हैं कि एक दिन पत्नी से झगड़े के बाद वह टहल रहे थे। इसी बीच अंग्रेजी अखबार के पत्रकार का फोन आया। कुछ देर अच्छे से बात करने के बाद उन्होंने कुछ ऐसा पूछा जिससे मैं चिढ़ गया। मैंने जवाब देते हुए कहा कि मेरे सभी पैसे खत्म हो गए हैं। अब दो गाय पाली हैं, जिनका दूध बेचकर गुजारा कर रहा हूं। इस खबर के बाद जो हुआ उससे सभी वाकिफ हैं।"