indian idol
- फोटो : file photo
'घंटों इंतजार करना था लेकिन ना तो वहां टॉयलेट की व्यवस्था थी और न ही खाने-पीने की। अगर आप लाइन छोड़कर जाते हैं तो आप अपनी जगह भी खो देंगे। तो क्या एक बजे के करीब हमारा इंतजार खत्म हो गया? नहीं, गलत! एक बजे तो हमें किसी झुंड की तरह स्कूल ग्राउंड के एक स्टेज की तरफ भेजा गया। थोड़ी देर में वहां पिछले साल का एक विनर श्रीराम आता है और स्पीकर पर बज रहे गानों पर केवल अपने होठों को हिलाता है।'