शेखर सुमन
- फोटो : Twitter
एक वेबसाइट से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह उचित है कि जो लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की जिम्मेदारी को भूल जाते हैं, उन्हें जेल में डाल दिया जाता है। उन्होंने आगाह किया कि देवताओं का मजाक नहीं बनाया जाना चाहिए और जो उनके बारे में मजाक उड़ाते हैं उन्हें आसानी से छूटने नहीं देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर वे ("अश्लील" कॉमेडियन), "एक नए और मूल विचार के साथ आते है तो उनकी जीभ इतनी आसानी से नहीं चलेगी।"