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Rajat Sood: इंडियाज लाफ्टर चैंपियन रजत सूद से समझिए पॉमेडी फंडा, फिनाले में मम्मी को देख इसलिए छूटे पसीने

Sun, 28 Aug 2022 04:18 PM IST
मेघा चौधरी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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रजत सूद ने जीता इंडियाज लाफ्टर चैंपियन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

सोनी टीवी के रियलिटी शो ‘इंडियाज लाफ्टर चैंपियन’ में दिल्ली के रहने वाले रजत सूद विनर रहे। विनर की ट्रॉफी के साथ उन्हें 25 लाख का पुरस्कार भी मिला। रजत के पिता प्रदीप सूद दिल्ली दूरदर्शन में काम करते थे और उनकी मां मधु सूद दिल्ली में बिजली विभाग में काम करती हैं। परिवार में सबसे छोटे रजत सूद को घर पर प्यार और सपोर्ट दोनों खूब मिला। उनकी बड़ी बहन रितिका सूद जो पेश से शिक्षिका हैं, उन्होंने उनका खूब हौसला बढ़ाया और दूसरी बड़ी बहन पारुल ने भी उनको हर दिन बेहतर करने के खास गुर सिखाए। हालांकि, जब रजत ने कॉमेडी शो के प्रोफेशन में आने का पहले पहल मन बनाया तो उनके माता पिता इस फैसले से थोड़े चिंतित थे। 

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रजत सूद ने जीता इंडियाज लाफ्टर चैंपियन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

स्टेज शो के दौरान लोग कसते थे तंज 
रजत सूद बचपन से ही तुक बंदी, रैप और कविताएं लिखते आ रहे है। वह कहते है,  'लिखते लिखते मैने मंच पर परफॉर्म करना शुरू किया तो पहले लोग तंज कसते थे। मंच कैसा भी हो, मैं हंसता खेलता रहता था। लोग कहने लगे कि कविता में बहुत ही सभ्य तरीके से पेश आया जाता है। तुम यहां कॉमेडी कर रहे हो। फिर कॉमेडी वाले शो में जाने लगा तो लोग कहने लगे, यहां बहुत हंसी मजाक वाला माहौल है और तुम दिल तोड़ने वाली करते हो। तब मुझे महसूस हुआ कि जब मुझमें दोनों कला है तो दोनों कला को मिलाकर कुछ करना चाहिए। 

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रजत सूद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

कॉमेडी को दिया नया नाम पॉमेडी
शो के दौरान रजत सूद कविता करते तो कहीं न कहीं बातें हास्यापद हो जाती थीं और कॉमेडी शो के दौरान कुछ ऐसी सीरियस बातें हो जातीं जो लोगों को पसंद नहीं आती थीं। रजत सूद कहते हैं, 'मैने कविता और कॉमेडी को मिलाकर एक नई चीज शुरू की और उसका नाम ‘पॉमेडी’ दिया। इसे लोगों ने खूब पसंद किया। यह लोगों के लिए नया है, लेकिन लोग यह बहुत पसंद कर रहे हैं। जिस तरह से लोगों ने पसंद किया है, मुझे लगता है कि अब लोगों के जीवन का यह एक हिस्सा बन गया है।'

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शो के बाकी प्रतिभागियों के साथ रजत सूद - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

बचपन में स्टेज पर हिम्मत नहीं होती थी
बचपन में रजत सूद स्टेज पर लोगों को कॉमेडी करते देखते थे तो उन्हें भी लगता था कि कॉमेडी करनी चाहिए, लेकिन हिम्मत नहीं होती थी। वह कहते हैं, 'बचपन में जब लोगों को स्टेज पर कॉमेडी करते देखता था तो मुझे लगता था कि मुझे भी ऐसा ही करना है, लेकिन तब मेरे अंदर हिम्मत नहीं थी। लेकिन मेरी दिली ख्वाहिश थी कि मुझे कॉमेडी करना ही है। कॉलेज के दौरान जब मैने देखा कि लोग स्टेज पर ऐसा कुछ कर रहे हैं तब मेरे अंदर थोड़ी हिम्मत आई। मुझे लगा कि इसको प्रोफेशन बनाया जा सकता है।'

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रजत सूद - फोटो : सोशल मीडिया

इंजीनियर से बन गए पॉमेडियन
रजत सूद ने दिल्ली के से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वह कहते है, 'किसी तरह से मैने इंजीनियरिंग पूरी की। चार साल इंजीनियरिंग कोर्स के दौरान मुझे काफी कुछ अलग अलग चीजें सीखने को मिलीं। उस दौरान के अनुभवों को मैं स्टेज कार्यक्रम के दौरान पेश करता था जिसे लोग पसंद करने लगे। स्कूल और कॉलेज में जिस बात के लिए मुझे डांट पड़ती थी, उसी को जब स्टेज पर परफार्म करता था तो लोग खुश होते थे। मुझे लगा कि इससे ही प्रोफेशन बनाना सही रहेगा।'

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फाइनल में पहुंची लाइगर की टीम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

करियर को लेकर पिता को थी फिक्र 
हर मां बाप सोचते है कि उसका बच्चा ऐसे प्रोफेशन को चुने जिसमें सुरक्षित करियर हो। रजत सूद कहते हैं, 'मेरे पिताजी को मेरे करियर को लेकर थोड़ा फिक्र थी। ऐसा हर मां बाप अपने बच्चों के बारे में सोचते हैं और मुझे लगता है कि उनका ऐसा सोचना जायज भी होता है। वह यही सोचते है कि जो भी करे, लेकिन ऐसा ना हो आगे चलकर उससे कोई नुकसान हो। यही फिक्र मेरे माता पिता को भी थी क्योंकि इंजीनियरिंग करके बाद मैं जॉब छोड़कर इस प्रोफेशन में आया था। जब जब धीरे धीरे इसमें सफलता मिलती रहती तब उनको लगने लगाकि यह भी एक पेशा है।'

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रजत सूद - फोटो : सोशल मीडिया
मनोज बाजपेयी का दिया उदाहरण 
रजत के पिता प्रदीप सूद  दूरदर्शन में क्लर्क थे, अब वह रिटायर हो गए हैं। रजत कहते हैं, 'उस दौरान उन्होंने बहुत सारे कलाकारों को देखा है, उनको पता था कि किस कलाकार की कैसी जर्नी रही है। इसलिए मुझे लेकर वह बहुत चिंतित थे। उन्होंने मंडी हाउस में बहुत नाटक उस समय देखे थे। उन दिनो मनोज बाजपेयी नाटकों में काम किया करते थे। उनके ग्रुप में और भी बहुत सारे लोग थे। पिता जी ने सिर्फ मनोज बाजपेयी को आगे बढ़ते हुए देखा, बाकी लोगों का कुछ नहीं हुआ। इसलिए पिता जी चिंतित थे कि अगर बाकी के कलाकारों की तरह मेरा कुछ नहीं हुआ तो क्या होगा। पिता जी का भरोसा जीतना मेरी बहुत बड़ी कमाई है।'
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रजत सूद - फोटो : सोशल मीडिया
मम्मी को को हुआ प्रेम मोहब्बत की बातों पर अचरज
इंडियाज लाफ्टर चैंपियन में पहली बार रजत सूद ने अपने माता पिता के सामने परफॉर्म किया। वह कहते हैं, 'इस शो के फिनाले में मम्मी और पापा भी आए। पहली बार उनके सामने मैं परफॉर्म कर रहा था। उससे पहले उनको लगता पता था कि कुछ तो करता है स्टेज पर, जिसके लिए लोग फ्लाइट से बुलाते हैं। लेकिन कभी मेरी परफार्मेंस को देखा नहीं था, मैं यह सोच रहा था कि मैं स्टेज पर प्रेम मोहब्बत की बातें कर रहा हूं, कहीं मम्मी चप्पल फेंक कर न मार दें। वह भी यही सोच रही थीं कि यह सब मैंने कहां से सीख लिया। मेरी मम्मी  बिजली विभाग में काम करती हैं। उनकी बोलचाल से आपको पता लग जाएगा कि वह कैसी हैं, बिल्कुल करंट की तरह ताने मारती  हैं। लेकिन फिनाले मेरी जिंदगी का बहुत बड़ा लम्हा था। मेरी जिंदगी के जो सबसे करीब हैं, वे इसमें शामिल हों तो इससे बड़ी और क्या बात मेरे लिए हो सकती थी।'
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