गजेंद्र चौहान (युधिष्ठिर)
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गजेंद्र ने आगे कहा, 'उन सज्जन ने मुझसे उनके पिता के सिर पर हाथ रखने की गुजारिश की ताकि वो ठीक हो जाएं। या ठीक ना भी हो पाएं तो उन्हें संतोष रहेगा कि मरने से पहले धर्मराज युधिष्ठिर ने उन्हें स्पर्श किया। मुझे यह बात बड़ी अजीब लगी और थोड़ी झिझक भी हुई लेकिन उनके बार-बार कहने पर मैं मान गया। मैं उनके पिता से मिला और उनके सिर पर हाथ रखा। किस्मत देखिए, कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद वह बिलकुल ठीक भी हो गए और बार-बार मेरा अहसान माना।'