मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (सीएमएम) की एक अदालत ने बॉलीवुड अदाकारा कंगना रणौत की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ गीतकार जावेद अख्तर के खिलाफ अंधेरी में मजिस्ट्रेट की अदालत से अपनी "जबरन वसूली" की शिकायत को ट्रांसफर करने की मांग की थी। रणौत ने अख्तर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष अपनी शिकायत में रणौत ने अख्तर पर "जबरन वसूली और आपराधिक धमकी" का आरोप लगाया था।
इससे पहले इस मामले में कंगना ने मुंबई की बोरीवली सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कंगना ने सेशन कोर्ट में मानहानि केस को ट्रांसफर करने वाली याचिका के फैसले को चुनौती दी है। कंगना रणौत के खिलाफ यह मानहानि केस इंडस्ट्री के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने दर्ज कराया है। चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने अंधेरी मजिस्ट्रेट की अदालत से मामले को ट्रांसफर करने की कंगना की याचिका को अक्टूबर में खारिज कर दिया था। इसी सिलसिले में अब कंगना ने वकील रिजवान सिद्दीकी के जरिए बोरीवली सेशन कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी है। सेशन कोर्ट में दायर किए गए अपने आवेदन में उन्होंने कहा कि सीएमएम यह समझने में असफल रहे हैं कि मजिस्ट्रेट ने आवेदक को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के लिए अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल किया है।