रामायण देखते सुनील लहरी
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लक्ष्मण का किरदार चुनौतीपूर्ण
सुनील ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि उनके लिए लक्ष्मण का गुस्सा हासिल करना काफी मुश्किल था क्योंकि उन्हें इस किरदार को समझने के लिए कहीं से कुछ खास मदद नहीं मिल सकती थी। उन्होंने कहा, 'मुझे सिर्फ इतना बताया गया था कि लक्ष्मण शेषनाग के अवतार हैं। उन्हें गुस्सा ऐसे ही आता है जैसे सांप की प्रवृत्ति होती है। मैं असल में भी गुस्सैल था लेकिन इतना नहीं। लक्ष्मण के किरदार को अपनाते हुए मैं इतना गुस्से में आ जाता था कि अगर खाने में देर होती थी तो मैं उसपर भी भड़क जाता था। यह देखकर मुझे रामानंद सागर जी ने कहा था, 'मुझे तुम्हारे किरदार में बस यही तेवर चाहिए।' अवॉर्ड्स पर बात करते हुए वह कहते हैं, 'उन्हें या दूसरे कलाकारों को पुरस्कार नहीं मिला शायद उसकी कोई वजह रही होगी। मेरे लिए लोगों से जो प्यार मिला वह सबसे मूल्यवान है।' हालांकि इस मुद्दे पर प्रेम सागर ने जरूर अपना दुख व्यक्त किया। उन्होंने यह इच्छा प्रकट की कि उनके पिता रामानंद सागर को भारत रत्न मिलना चाहिए।