विकास गुप्ता
विकास ने आगे पोस्ट में लिखा है, 'मैं वास्तव में घृणित महसूस करने लगा था और मैंने विश्वास करना शुरू कर दिया था कि लड़की बुलाया जाना सबसे बुरा अपमान और गाली है। लड़कियां कमजोर और बेचारी होती हैं, उन्हें देखभाल और संरक्षित करने की जरूरत होती है और मैं उनकी तरह नहीं हूं, ऐसा तब तक रहा जब तक मैं बालाजी टेलीफिल्म्स के पांचवे फ्लोर पर नहीं पहुंचा। मैं एकता कपूर से मिला और यहां मुझे पता चला कि एक महिला की शक्ति क्या है।'