करण कुंद्रा, अनुषा दांडेकर
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झूठ हमेशा उलझाता है
अनुषा ने आगे कहा, ‘झूठ एक बार शुरू हो जाए तो वो केवल इंसान को अपने जाल में उलझाता है। मैं पूरी सच्चाई जानती हूं, दूसरी और यह जानना कि खेल कैसे खेलना है और खुद को मास्टरमाइंड कहलवाना कोई गर्व की बात नहीं है, जबकि आप किसी शख्स की असल जिंदगी से खेल रहे हो। अब मैं थक गई हूं और ईमानदारी से थोड़ा ऊब गई हूं इसलिए बड़े हो जाओ मैं वो लड़की नहीं हूं जो चुप होकर आप खेल देखेगी, जबकि आप झूठ बोलते रहेंगे।