‘बालिका वधू’ धारावाहिक की ब्रांड अंबेसडर रही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कृति भारती के कदम अब एक ऐसे रिकॉर्ड की तरफ बढ़ चले हैं, जिसकी मिसाल दुनिया में और कहीं नहीं मिलती। कृति ने अपना जीवन उन बालिका वधुओं के नाम कर रखा है जिनकी बालिग होने से पहले ही शादी कर दी जाती है और तमाम कानूनी संरक्षा भी उनके काम नहीं आ पाती। कृति ने इन बाल वधुओं को बाल विवाह के चंगुल से मुक्त कराने का बीड़ा उठा रखा है, और अगला एक अदालती फैसला बाल विवाह से मुक्ति दिलाने का उनका 50वां पड़ाव बन जाएगा।
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डॉ. कृति भारती
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ.कृति भारती ने अब तक 49 बाल विवाह निरस्त करवा चुकी हैं। अक्षय तृतीया के दिन राजस्थान में बड़ी संख्या में बाल विवाह होते रहे हैं लेकिन कृति की इस बारे में लगातार चल रही मुहिम ने इस परंपरा की रोकथाम में बड़ा काम किया है। हाल ही में उन्होंने एक और बालिका वधू के बाल विवाह के खिलाफ जंग जीती। कृति के मुताबिक जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या दो के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने आखातीज से पहले समाज को कड़ा संदेश देकर सुहानी (बदला हुआ नाम) के बाल विवाह निरस्त का फैसला सुनाया। यह सारथी ट्रस्ट का बाल विवाह निरस्त कराने 49वां मामला है।
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डॉ. कृति भारती
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
जानकारी के मुताबिक एक दिहाड़ी मजदूर की बेटी सुहानी (बदला हुआ नाम) का बाल विवाह करीब छह साल पहले महज 13 साल की उम्र में समाज के दबाव में करवा दिया गया था। सुहानी प्रशासनिक अधिकारी बनने का ख्वाब संजोए थी। उसको खुद के ख्वाब टूटते दिखे। इधर लगातार ससुराल वालों ने लगातार गौना करने का दबाव बनाया और जानलेवा धमकियां दी तो वह अवसाद से घिर गई। घबराहट में स्कूल जाना तक छूट गया।
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डॉ. कृति भारती
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो , मुंबई
सुहानी को इसी बीच कृति की मुहिम के बारे में जानकारी मिली और उसने कृति से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। करीब पांच महीने पहले इस मामले को लेकर कृति भारती ने जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय में बाल विवाह निरस्त का वाद दायर किया। तथ्यों और दस्तावेजों को देखने के बाद पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश प्रदीप कुमार मोदी ने बालिका वधू सुहानी के छह साल पहले महज 13 साल की उम्र में हुए बाल विवाह को निरस्त करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
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डॉ. कृति भारती
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अपने फैसले में न्यायाधीश मोदी ने समाज को बाल विवाह के खिलाफ खड़ा संदेश देते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करना सरासर गलत है। देश सालों से बाल विवाह की कुप्रथा में जकड़ा हुआ है। इसके खात्मे के लिए समेकित प्रयास करने जरूरी है। बाल विवाह निरस्त के फैसले पर सुहानी खुशी से उछल पड़ी और डॉ.कृति से लिपट गई। डॉ कृति ने अब तक राजस्थान में 49 जोड़ों के बाल विवाह निरस्त करवाने के अलावा देश में 1700 से अधिक बाल विवाह रूकवाए है। आखातीज को अबूझ मुहूर्त मानकर बाल विवाह करवाने की कुप्रथा के खिलाफ डॉ.कृति की बाल विवाह निरस्त कराने की मुहिम अब भी जारी है।
डॉ.कृति के नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया सहित आधा दर्जन से अधिक रिकॉर्ड दर्ज है। डॉ.कृति की साहसिक मुहिम को सीबीएसई पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। डॉ.कृति भारती का नाम वर्ल्ड टॉप टेन एक्टिविस्ट, बीबीसी 100 वीमेन सूची में शुमार है। वहीं जेनेवा में ह्यूमन राइट्स चैंपियन अवार्ड, मारवाड व मेवाड़ रत्न सहित कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय सम्मानों से भी कृति को नवाजा जा चुका है।