दूरदर्शन पर प्रसारित हुए धारावाहिक ‘महाभारत’ के बारे में अब तक न जाने कितनी बार कितना कुछ लिखा जा चुका है, लेकिन जब बी आर चोपड़ा के जीवन से जुड़ा कोई दिन करीब आता है, उनकी तमाम सुपरहिट फिल्मों पर उनके इस धारावाहिक की यादें ही भारी पड़ जाती हैं। 94 साल की उम्र में 5 नवंबर 1998 को ये दुनिया छोड़ जाने वाले बलदेव राज चोपड़ा यानी बी आर चोपड़ा को भारत सरकार ने सिनेमा के सबसे बड़े राष्ट्रीय सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया, उनकी निर्देशित ‘नया दौर’, ‘कानून’, ‘हमराज’, ‘पति पत्नी और वो’, ‘इंसाफ का तराजू’, ‘निकाह’ और ‘तवायफ’ जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा में मील का पत्थर मानी जाती हैं। लेकिन, कभी मुंबई फिल्म जगत का मील का पत्थर रहा उनका प्रतिष्ठित बंगला उनकी पुश्तैनी विरासत संभालने वाले कानूनी विवादों में फंसने के चलते संभाल नहीं पाए। ‘अमर उजाला’ से एक खास मुलाकात में धारावाहिक ‘महाभारत’ में युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले अभिनेता गजेंद्र चौहान कहते हैं, ‘जिस तरह से उनकी विरासत बिखर रही है उसे देखकर मुझे बहुत दुख होता है। मेरे लिए तो वह दूसरे घर जैसे था। मैं हमेशा चोपड़ा साहब के घर पर जाता रहता था और हमारी फिल्मों पर बहुत बात होती थी।'’