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‘क्योंकि सास..’ से मशहूर हुए अमर उपाध्याय आए एकता कपूर के साथ, बोले- ‘उन्होंने पॉर्न फिल्म नहीं बनाई’

Tue, 17 Nov 2020 11:23 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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अमर उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
टीवी के लोकप्रिय कलाकार अमर उपाध्याय कलर्स चैनल पर सोमवार से शुरू हुए धारावाहिक 'मोलक्की' में ठाकुर वीरेंद्र प्रताप सिंह की मुख्य भूमिका में हैं। यह धारावाहिक हरियाणा में दुल्हनों की खरीद-फरोख्त की कथित प्रथा पर बनाया गया है। धारावाहिक का निर्माण कर रही हैं निर्माता एकता कपूर। एकता के साथ अमर उनके धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी', 'कलश' आदि में भी काम कर चुके हैं। एकता कपूर की छवि भी अब पहले की तरह सिर्फ सास बहू वाले शो बनाने वाली निर्माता की नहीं रही। ‘अमर उजाला’ से अमर उपाध्याय ने की ये खास बातचीत।
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अमर उपाध्याय - फोटो : instagram/amarupadhyay_official
आप गुजरात से हैं लेकिन 'मोलक्की' में आप हरियाणवी में बात कर रहे हैं। इस किरदार की किस तरह तैयारियां कीं?
हरियाणा के हिसार, पानीपत और रोहतक से मेरे कुछ दोस्त हैं। दिल्ली में भी मेरे काफी दोस्त हैं जो हरियाणा से हैं। हमारी दोस्ती को लंबा वक्त बीत चुका है। जब वह हिंदी बोलते हैं तो उनका तरीका हरियाणवी ही रहता है। मुझे उनका बात करने का तरीका बहुत पसंद आता है और मैंने भी कई बार कोशिश की है कि मैं उस तरह से बात करके देखूं। फिर मैं सोचता था कि अगर ऐसा कोई किरदार निभाने के लिए अगर मुझे मिल जाता है तो मजा आएगा। और आखिर मेरे पास ऐसा किरदार आ ही गया। रेवाड़ी गांव का सरपंच ठाकुर विरेंद्र प्रताप सिंह बाहर से बहुत सख्त है लेकिन अंदर से बिल्कुल टूट चुका है। उसके साथ अतीत में एक ऐसी घटना हुई जिसने उसे तोड़ कर रख दिया। इस किरदार को निभाने के लिए मैंने गूगल से काफी पढ़ाई की। मुझे हरियाणवी बोलनी है इसके लिए मैंने बहुत अभ्यास किया है।
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अमर उपाध्याय - फोटो : instagram/amarupadhyay_official
धारावाहिक 'मोलक्की' में दुल्हनों की खरीद-फरोख्त का जो मुद्दा उठाया जा रहा है, आप इससे कितना वाकिफ हैं या इससे पहले थे?
मुझे इस मुद्दे के बारे में कुछ नहीं पता। जब मेरे पास बालाजी टेलीफिल्म्स से फोन आया तब उन्होंने बताया कि वह एक शो बना रहे हैं। उन्होंने शो का नाम बताया 'मोलक्की' तो मैंने सोचा कि यह कैसा नाम है? तब उन्होंने बताया कि मोलक्की मतलब खरीद कर लाई हुई पत्नी। यह सुनकर मुझे झटका सा लगा। मुझे लगा कि हमारे देश में आज भी यह सब हो रहा है। विश्वास ही नहीं होता। फिर मैंने इस पर अपनी तरफ से शोध शुरू किया। मैंने खबरें पढ़ीं और डॉक्यूमेंट्रीज देखीं। कुछ लोगों से बात की, तब समझ में आया कि यह शो तो पक्का बनना ही चाहिए। मुझे लगा कि लोगों को इस प्रथा के बारे में पता चलना ही चाहिए और कुछ लोग इसका गलत फायदा उठाते हैं, उसका भी खुलासा होना चाहिए।

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अमर उपाध्याय - फोटो : instagram/amarupadhyay_official
दुल्हनों की खरीद-फरोख्त वाली इस कुप्रथा के शुरू होने और अब तक चलने का आप क्या कारण मानते हैं?
कारण इसका सबसे बड़ा यही है कि हरियाणा और राजस्थान जैसी जगहों पर महिलाओं और पुरुषों में अनुपातिक अंतर बहुत ज्यादा है। एक हजार पुरुषों पर साढ़े छह सौ से सात सौ ही महिलाएं हैं। यह बहुत ही अजीब है। होता है ऐसा है कि जो बड़े लोग हैं और खानदानी लोग हैं, उन्हें अपनी बिरादरी में शादी करने के लिए औरतें मिल जाती हैं। लेकिन, जो गरीब होते हैं और निचले वर्ग के लोग होते हैं, उन्हें शादी के लिए महिलाएं नहीं मिलतीं। फिर वह असम से, यूपी से, बंगाल से लड़कियां लेकर आते हैं और शादी कर लेते हैं। इस प्रथा की शुरुआत गरीब लड़कियों की मदद करने के लिए हुई थी। गरीबों के परिवारों की मदद के लिए यह प्रथा शुरू की गई। लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल होता है।

धारावाहिक 'मोलक्की' का निर्माण एकता कपूर कर रही हैं। क्या आप उनके निर्माण में ओटीटी पर बनने वाली सामग्री भी देखते हैं?
जी हां मैं देखता हूं। पूरे लॉकडाउन भर तो मैंने यही सब किया है। मैं छह से सात ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखता हूं। जब सभी फिल्मों की शूटिंग बंद थी और कोई भी नया धारावाहिक नहीं आ रहा था तो मैंने हॉटस्टार, जी5, ऑल्ट बालाजी, नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम वीडियो, एमएक्स प्लेयर यही सब देखे हैं।
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अमर उपाध्याय - फोटो : instagram/amarupadhyay_official
एक तरफ एकता कपूर सास बहू की कहानियां दिखाती हैं और वहीं दूसरी तरफ अश्लील कहानियां भी ओटीटी पर परोसती हैं। ओटीटी पर उनके काम को आप किस तरह देखते हैं?
देखिए, बालाजी टेलीफिल्म्स एक प्रोडक्शन हाउस है और वह व्यापार करता है। हमारे देश में हर तरह के दर्शक हैं। एक तबका ऐसा है जो सिर्फ कार्टून देखता है। एक तबका ऐसा है जो सिर्फ समाचार सुनता है। एक तबका है जो सिर्फ टीवी देखता है। एक दर्शक वर्ग है जो खेल देखना पसंद करता है। एक तबका ऐसा है जो रियलिटी शोज देखता हैं। और, उनमें एक दर्शक वर्ग ऐसा भी है जिनको वह सब देखना है जो एकता कपूर ओटीटी पर दिखाती हैं। तो फिर उनको क्यों छोड़ा जाए?

मतलब, ओटीटी पर एडल्ट कंटेंट का आप समर्थन करते हैं?
दर्शकों को अलग-अलग चीजें देखना पसंद है और हर तरह की चीजें देखना पसंद है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आप सब कुछ बना भी सकते हैं और दर्शकों को दिखा दे सकते हैं। अगर व्यापार के नजरिए से देखा जाए तो इसमें गलत क्या है? और फिर शुरू होने से पहले डिस्क्लेमर तो आता ही है। मुझे नहीं लगता कि एकता ने ऐसा कोई शो बना दिया है जिसे आप देख नहीं सकते। उन्होंने कुछ चीजों की सीमाएं रखी हैं। बिल्कुल पॉर्न फिल्म नहीं बनाई है उन्होंने।

 
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