अमर उपाध्याय
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दुल्हनों की खरीद-फरोख्त वाली इस कुप्रथा के शुरू होने और अब तक चलने का आप क्या कारण मानते हैं?
कारण इसका सबसे बड़ा यही है कि हरियाणा और राजस्थान जैसी जगहों पर महिलाओं और पुरुषों में अनुपातिक अंतर बहुत ज्यादा है। एक हजार पुरुषों पर साढ़े छह सौ से सात सौ ही महिलाएं हैं। यह बहुत ही अजीब है। होता है ऐसा है कि जो बड़े लोग हैं और खानदानी लोग हैं, उन्हें अपनी बिरादरी में शादी करने के लिए औरतें मिल जाती हैं। लेकिन, जो गरीब होते हैं और निचले वर्ग के लोग होते हैं, उन्हें शादी के लिए महिलाएं नहीं मिलतीं। फिर वह असम से, यूपी से, बंगाल से लड़कियां लेकर आते हैं और शादी कर लेते हैं। इस प्रथा की शुरुआत गरीब लड़कियों की मदद करने के लिए हुई थी। गरीबों के परिवारों की मदद के लिए यह प्रथा शुरू की गई। लेकिन अब इसका गलत इस्तेमाल होता है।
धारावाहिक 'मोलक्की' का निर्माण एकता कपूर कर रही हैं। क्या आप उनके निर्माण में ओटीटी पर बनने वाली सामग्री भी देखते हैं?
जी हां मैं देखता हूं। पूरे लॉकडाउन भर तो मैंने यही सब किया है। मैं छह से सात ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट देखता हूं। जब सभी फिल्मों की शूटिंग बंद थी और कोई भी नया धारावाहिक नहीं आ रहा था तो मैंने हॉटस्टार, जी5, ऑल्ट बालाजी, नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम वीडियो, एमएक्स प्लेयर यही सब देखे हैं।