मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। दिग्गज दक्षिण भारतीय अभिनेत्री जमुना का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अभिनेत्री ने शुक्रवार को हैदराबाद में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित चल रही थीं। अभिनेत्री की निधन की खबर के बाद से ही इंडस्ट्री में शोक की लहर है और सितारे उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
16 साल की उम्र में किया डेब्यू
जमुना का जन्म 30 अगस्त, 1936 को कर्नाटक के हम्पी में हुआ था। उनके माता-पिता, निप्पनी श्रीनिवास राव और कौशल्या देवी बाद में आंध्र प्रदेश चले गए। इसके बाद उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के दुग्गीराला से की और अपने स्कूल के दिनों में एक मंच कलाकार थीं। जमुना का असली नाम जाना बाई था और उन्होंने 1953 में 16 साल की उम्र में गरिकापारी राजा राव द्वारा निर्देशित 'पुत्तिलु' से अपने करियर की शुरुआत की थी।
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हिंदी फिल्मों में भी आईं नजर
जमुना को असली पहचान एलवी प्रसाद की 'मिसम्मा' (1955) से मिली। चार दशकों के अपने करियर में उन्होंने विभिन्न भूमिकाएं निभाईं और अपने समय के दिग्गज अभिनेताओं के साथ अभिनय किया। अभिनेत्री ने तेलुगू, तमिल और 11 हिंदी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने सुनील दत्त और नूतन अभिनीत 'मिलन' (1967) के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता था। यह तेलुगू फिल्म 'मोगा मनसुलु' (1964) की रीमेक थी, जिसमें नागेश्वर राव और सावित्री के साथ 'जमुना' भी नजर आई थीं।
राजनीति में भी थीं सक्रिय
अभिनेत्री ने फिल्मों की दुनिया के अलावा राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। उन्होंने कांग्रेस को समर्थन देकर और बाद में भाजपा में शामिल होकर राजनीति में कदम रखा। 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से प्रभावित होकर वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं। फिर वह 1989 में राजमुंदरी से लोकसभा के लिए चुनी गईं। हालांकि, 1991 में अपनी हार के बाद उन्होंने राजनीति छोड़ दी। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं और 1990 के दशक के अंत में पार्टी के लिए प्रचार किया।
अभिनेत्री को सितारे सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।