फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bommireddy Narasimha Reddy: दादा साहेब पाने वाले साउथ के पहले निर्देशक थे बोमिरेड्डी, दिया था उत्कृष्ट योगदान

Tue, 08 Nov 2022 08:43 AM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
बोमिरेड्डी, नरसिम्हा रेड्डी - फोटो : social media
मेहनत और काबिलयित के दम पर साउथ सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले बोम्मिरेड्डी निरसिम्हा रेडी भारतीय सिनेमा के विख्यात व्यक्तित्व थे। वह न सिर्फ बेहतरीन निर्देशक बल्कि बेमिसाल पटकथा लेखक और निर्माता भी थे। 8 नवंबर 1977 में सिनेमा के इस सितारे ने दुनिया को अलविदा कह दिया। दिग्गज कलाकार के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। जानते हैं बोम्मिरेड्डी  के बारे में खास जानकारी।
                                                                                                      
विज्ञापन

2 of 4
बोमिरेड्डी, नरसिम्हा रेड्डी - फोटो : social media
सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कारों से थे सम्मानित
आंध्र प्रदेश में जन्में बोम्मिरेड्डी अपने भाई बहनों में सबसे बड़े थे। अपने कार्यों के लिए उन्हें सिनेमा के प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। जानकारी के मुताबिक, बोम्मिरेड्डी साउथ सिनेमा से जुडे़ पहले दिग्गज थे, जिन्हें सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के से सम्मानित किया गया था।
विज्ञापन

3 of 4
बोमिरेड्डी, नरसिम्हा रेड्डी - फोटो : social media
साउथ सिनेमा के पहले दादा साहेब पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति
सिनेमा के सभी क्षेत्रो में महत्वपूर्ण योगदान के लिए बोम्मिरेड्डी नरसिम्हा रेड्डी को सन 1974 में पद्म भूषण की उपादी दी गई, वहीं इसी वर्ष उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार  से नवाजा गया।  इसके अलावा 1955 में फिल्म 'बांगरु पापा' के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर तेलुगु फिल्म के लिए राष्ट्रपति रजत पदक से सम्मानित किया गया।    
विज्ञापन

4 of 4
बोमिरेड्डी, नरसिम्हा रेड्डी - फोटो : social media
अपने करियर में सिनेमा को दीं ये शानदार फिल्में
बतौर निर्माता निर्देशक व पटकथा लेखकर बोमिरेड्डी निरसिम्मा रेड्डी ने  अपने करियर में 'वंदे मातरम' (1939), सुमंगली (1940), देवता (1941), स्वर्ग सीमा (1945), मल्लीश्वरी (1951), बांगरू पापा (1954), भाग्य रेखा (1957), राजा मकुटम (1959), पूजा फलम (1964), रंगुला रतनम (1966), और बांगरू पंजारम (1969) जैसी कई फिल्में दीं।                                                                          
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें