चक दे इंडिया और डोर
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संगीतकार ने कहा, 'फिल्म की रिलीज में केवल एक सप्ताह बचा था, हम उस रात फिल्म देखने के बाद वापस स्टूडियो पहुंचे। हमारे पास एक गाना था, जो हमने डोर के लिए बनाया था, लेकिन दुर्भाग्य से, नागेश को यह पसंद नहीं आया। फिर हमने 'ये हौसला कैसे झुके' बनाया, जो उन्हें पसंद आया।' उन्होंने कहा, उसी रात, हमने अगले दिन ये गाना प्रस्तुत करने का फैसला किया। रात 2 बजे तक हम गाना लिखते रहे। फिल्म के बाद आदित्य चोपड़ा और पूरी टीम हमारे साथ शामिल हुई। यश जी ने जोर देकर कहा था कि गाना अवश्य शामिल किया जाना चाहिए। यह सिर्फ फिल्म के लिए एक गाना नहीं था, यह अनगिनत दिलों में गहराई से गूंजते हुए कालजयी बन गया।'