रोशन लाल नागरथ
- फोटो : एक्स
संघर्षों के बाद मिली सफलता
1948 का वो साल जब रोशन मुंबई आ पहुंचे और अपने सपनों की जद्दोजहद में लग गए। मुंबई में उनका संघर्ष कई महीनों चलता रहा, फिर एक दिन उनकी मुलाकात प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक किदार शर्मा से हुई। उन्होंने रोशन साहब को 1949 में रिलीज हुई अपनी फिल्म ‘नेकी और बदी’ में संगीत रचना का काम दिया, जो फ्लॉप रही। इसके बाद भी किदार शर्मा ने उन्हें अपनी अगली फिल्म ‘बावरे नैन’ में एक और मौका दिया। इस फिल्म का संगीत ‘खयालों में किसी के’ बहुत मशहूर हुआ, जिसने रोशन साहब को खास उपलब्धि दिलाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1950-60 के दशक में कई यादगार फिल्मों में संगीत दिए, जिनमें से अनेक फिल्मों को उनके संगीत के कारण ही सफलता मिली।
इन फिल्मों के गीतों से जाने जाते हैं रोशन
रोशन साहब ने कई फिल्मों में म्यूजिक दिया, जिन्हें आज भी गुनगुनाया जाता है। कुछ गानें इस प्रकार हैं- 'एरी मैं तो प्रेम दीवानी', 'सारी सारी रात तेरी याद सताए', 'लागा चुनरी में दाग' आदि। इन गानों के जरिए रोशन संगीत निर्देशक के रूप में लोगों के दिलों में बस गए।