रोशन परिवार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
रोशन परिवार की तरफ से जारी विज्ञापन में कहा गया है, “संगीत और सिनेमा के जादुई संगम को और प्रामाणिक बनाने के लिए हम स्वर्गीय श्री इब्राहिम भाई नाडियाडवाला, श्रीमती फिरोजा इब्राहीम नाडियाडवाला, श्री मजहर इब्राहिम नाडियाडवाला और श्री अबरार इब्राहीम नाडियाडवाला के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने अपनी दो ऐतिहासिक फिल्मों ‘चित्रलेखा’ (1964) और ‘ताज महल’ (1963) के पोस्टर्स को डॉक्यूमेंट्री में स्थायी रूप से उपयोग करने की अनुमति दी, वह भी पूर्णतः निःशुल्क।” इन पोस्टर्स का जुड़ना न केवल ‘द रोशन्स’ की ऐतिहासिक सुंदरता को निखारता है, बल्कि दर्शकों को उस स्वर्णिम दौर की सैर भी कराता है, जब भारतीय सिनेमा में संगीत, प्रेम और निर्देशन का बेजोड़ संगम देखने को मिला था।