फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prem Nath: हीरो बनने का सपना लेकर आए प्रेम नाथ ऐसे बन बैठे खलनायक, हिंदी सिनेमा के साथ हॉलीवुड तक में जमाए कदम

Thu, 21 Nov 2024 08:40 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Prem Nath Birth Anniversay: प्रेमनाथ की पकड़ सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने कभी साहित्य का रस पीया तो कभी राजनीति में डंका पीटा। आज प्रेमनाथ के जन्मदिवस पर चलिए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें...
विज्ञापन
1 of 6
प्रेम नाथ - फोटो : अमर उजाला
बहुमुखी प्रतिभा के मालिक प्रेमनाथ की पहचान हिंदी सिनेमा में एक बेहतरीन अभिनेता के तौर पर होती है। उनके खाते में 250 से भी ज्यादा फिल्में हैं। इनमें 'जॉनी मेरा नाम', 'धर्मात्मा', 'बरसात', 'कालीचरण', 'प्राण जाए पर वचन न जाए', 'बॉबी' और 'लोफर' जैसी फिल्मों में किए गए उनके अभिनय को सदियों तक नहीं भुलाया जा सकेगा। प्रेमनाथ की पकड़ सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं थी। उन्होंने कभी साहित्य का रस पीया तो कभी राजनीति में डंका पीटा। उनका व्यक्तित्व तो ऐसा था कि फिल्मों की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मधुबाला भी उनके प्यार में दीवानी हो गई थीं। आज प्रेमनाथ का जन्मदिवस है। चलिए इस खास मौके पर आपको बताते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...
विज्ञापन

2 of 6
प्रेमनाथ - फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
आर्मी छोड़ मायानगरी भागे प्रेमनाथ
प्रेमनाथ का जन्म 21 नवंबर 1926 को पेशावर में हुआ था। प्रेमनाथ का पूरा नाम प्रेम नाथ मल्होत्रा था। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत के जबलपुर, मध्य प्रदेश में आकर बस गया। प्रेम नाथ को बचपन से ही अभिनय से लगाव था और वे फिल्मों की दुनिया में ही अपना करियर बनाना चाहते थे। उनके पिता पुलिस अफसर थे, ऐसे में वे चाहते थे कि उनका बेटा भी देश की सेवा करे और इसके लिए उन्होंने बेटे को आर्मी में भर्ती करवा दिया था। पिता की बात मान प्रेमनाथ आर्मी की ट्रेनिंग तो लेने लगे, लेकिन उनका दिल अभिनय पर ही था। ऐसे में उन्होंने बंदूक खरीदने का बहाना कर पिता को खत लिखा और 100 रुपये मांगे, पिता ने भी पैसे भेजे, जिन्हें लेकर प्रेम नाथ मुंबई चले गए। वे पृथ्वीराज कपूर के बहुत बड़े प्रशंसक थे और उन्हें अक्सर खत लिख अभिनय करने का मौका मांगा करते थे।
विज्ञापन

3 of 6
प्रेमनाथ - फोटो : इंस्टाग्राम
ऐसे मिला फिल्मों में काम
मुंबई पहुंचकर वह पृथ्वीराज कपूर से मिले और उनसे खुद को अपना चेला बनाने की गुजारिश की और पृथ्वी थिएटर में भी काम मांगा, जिसके बाद पृथ्वीराज कपूर ने उन्हें थिएटर में दाखिला दे दिया, जहां उनकी दोस्ती राज कपूर से हुई और उनकी ये दोस्ती खूब रंग लाई। यूं तो प्रेम नाथ फिल्मों की दुनिया में हीरो बनने आए थे, लेकिन उनका ये सपना काम नहीं कर पाया, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री में पहचान बतौर खलनायक मिली। दरअसल, हिंदी सिनेमा की पहली रंगीन फिल्मों में से एक 'अजित' से प्रेम नाथ ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। यह फिल्म कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन प्रेम नाथ अपने अभिनय से लोगों की नजर में आ गए। फिर प्रेमनाथ ने 'आग' और 'बरसात' जैसी फिल्मों में राज कपूर के साथ काम किया, जिसने उन्हें सफल बनाया।

4 of 6
प्रेमनाथ - फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
फिल्म के सेट पर मिला प्यार
1953 में फिल्म 'औरत' की शूटिंग के दौरान ही उन्हें अभिनेत्री बीना राय से प्यार हुआ और उन्हीं से शादी भी कर ली। एक ओर बिना कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ रही थीं तो प्रेमनाथ बतौर हीरो खुद को सफल नहीं बना पाए। कुछ समय बाद फिल्मों से प्रेमनाथ ने ब्रेक लिया और संन्यासियों की तरह रहने लगे। हालांकि, कुछ साल बाद उन्होंने कमबैक किया और बतौर खलनायक अपनी जबर्दस्त पहचान बनाई। नकारात्मक किरदार निभा प्रेमनाथ इतने मशहूर हो गए कि उन्हें हीरो से ज्यादा फीस मिलने लगी और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, बल्कि अपना प्रोडक्शन हाउस भी खुला और कई फिल्मों का निर्माण भी किया।
विज्ञापन

5 of 6
प्रेमनाथ - फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
अभिनय के साथ किया फिल्म का निर्माण
प्रेमनाथ को पर्दे के पीछे के काम की भी समझ थी, ऐसे में उन्होंने पत्नी के साथ मिलकर प्रोडक्शन कंपनी पीएन फिल्म्स की शुरुआत की। इस बैनर तले कई फिल्में रिलीज हुईं, लेकिन अधिकतर फ्लॉप रहीं। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान वापस अभिनय करियर में दिया। साल 1975 में आई फिल्म 'धर्मात्मा' में  निभाई गई उनकी भूमिका काफी मशहूर हुई। उन्होंने अपनी फिल्म करियर में काली चरण, सन्यासी, सगाई, शोर, बादल, धर्म-कर्म, लोफर, धन-दौलत और बेमान जेसी करीब 250 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया, लेकिन 80 के दशक में स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उन्होंने फिल्मों से संन्यास ले लिया, जिसके चलते साल 1985 में आई फिल्म 'हम दोनों' उनके जीवन की आखिरी फिल्म बन गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रेमनाथ - फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
राजनीति में भी आजमाया हाथ
प्रेम नाथ ने 1969 में आई अमेरिकन फिल्म केंनरे में भी काम किया था। साथ ही उन्होंने अमेरिकन टीवी शो ‘माया’ में 1967 से लेकर 1969 तक काम किया था। इसके साथ ही उन्होंने अपनी स्वतंत्र पार्टी का गठन किया, जिसके प्रचार प्रसार के लिए वो देश भर में धुमे और अपनी पार्टी के हित में कई भाषण दिए, लेकिन राजनीति का छल कपट उन्हें ज्यादा दिन तक रास नहीं आया और कुछ ही सालों में उन्होंने राजनीतिक गलियारों से अपने आप को दूर कर लिया। 3 नवंबर 1992 को उनका निधन हो गया। भले ही आज प्रेमनाथ इस दुनिया में ना हो, लेकिन उनके अभिनय की अमिट छाप लोगों के दिलों में रहेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें