प्रीति शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वह बताती हैं, ‘फिल्म ‘एक अंक’ का मूल विचार नदी बचाओ आंदोलन से लिया गया है लेकिन ये फिल्म बात सामाजिक, वैयक्तिक और मानसिक रिश्तों की भी करती है। फिल्म का संदेश ऐसा है कि इसे गांव गांव दिखाया जाना चाहिए। शहरों में हर घर में पानी इफरात में हैं लेकिन जहां पानी की असल जरूरत है, उन खेतों और गांवों में नदियां, तालाब और कुएं सूख रहे हैं। सरकार तो इन्हें बचाने के प्रयास कर रही है, जरूरत है कि हम सब अपने आसपास के जल स्रोतों को बचाने की खुद भी पहल करें।’