वसंत ऋतु वैसे तो सिनेमा के लिए सदाबहार रही है, लेकिन इसी ऋतु में हिंदी सिनेमा के शौकीनो को बेहद सौम्य, सुशील और सुंदर अभिनेत्री नूतन भी खूब याद आती हैं। जो काम आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण और करीना कपूर अब कर रही हैं, विवाहिता होने के बाद भी हिट हिंदी फिल्में देने का काम वह अब से कोई 60 साल से भी पहले कर चुकी थीं। उनकी पुण्यतिथि पर आइए जानते नूतन से जुड़ी 10 रोचक कहानियां..
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नूतन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘सीमा’ ने तोड़ीं लोकप्रियता की सरहदें
शोभना समर्थ की बिटिया नूतन की जब शुरूआती फिल्में न चलीं तो मां ने बेटी को आगे की शिक्षा के लिए स्विटरलैंड भेज दिया। माथे से चिंता हटी और खान-पान, रहन-सहन बदला तो नूतन ने भी एक नूतन रूप धरा। सेहतमंद बिटिया की फोटो वापस मां के पास डाक से पहुंची तो शोभना समर्थ तो मानों बिटिया को कली से फूल सा खिलता देख बाग बाग ही हो गईं। इस नए रूप में दर्शकों ने अभिनेत्री नूतन को फिल्म ‘सीमा’ में देखा और इसी फिल्म के लिए नूतन ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अपना पहला फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता।
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नूतन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पहली ब्याहता सुपरस्टार
भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीश बहल से जिस साल 1959 में नूतन का ब्याह हुआ, उसी साल उन्होंने दो सुपरहिट फिल्में दीं, राज कपूर की ‘अनाड़ी’ और बिमल रॉय की ‘सुजाता’। बिमल रॉय की ही एक और फिल्म ‘बंदिनी’ ने नूतन के अभिनय को वे ऊंचाइयां दीं कि आज के निर्देशक संजय लीला भंसाली अपनी नायिकाओं को अब भी नूतन की तीनों फिल्में ‘सीमा’, ‘सुजाता’ और ‘बंदिनी’ देखने की सलाह देते हैं।
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नूतन{ पति और बेटे के साथ}
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
शिकार पर खूब दिया पति का साथ
नूतन और उनके पति रजनीश बहल की खूब पटी। वैसे तो समंदर की लहरों पर ड्यूटी होने के चलते रजनीश अधिकतर बाहर ही रहते लेकिन जब भी दोनों को साथ मौका मिलता, दोनों खूब अच्छा समय बिताते और वक्त मिलता तो दोनों साथ शिकार करने भी जाते। नूतन के बेटे अभिनेता मोहनीश बहल के पास अपनी मां का यादों का तस्वीरों की शक्ल में अनमोल पिटारा है।
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नूतन [फिल्म मिलन]
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अनारकली की भूमिका ठुकरा दी
अभिनेत्री नूतन ने पहली बार बाल कलाकार के तौर पर साल 1945 में अपने पिता की फिल्म 'नल दमयंती' से अपने करियर की शुरुआत की। जब वह 14 वर्ष की हुई तब निर्माता-निर्देशक के आसिफ ने फिल्म मुगल-ए-आजम की अनारकली की भूमिका के लिए नूतन से संपर्क किया था, लेकिन नूतन ने उस फिल्म में इसलिए काम करने से इंकार कर दिया, क्योंकि वह खुद को खूबसूरत नहीं मानती थी।
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नूतन{ फिल्म सुजाता}
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
खुद की एडल्ट फिल्म नहीं देख पाईं
जिस समय नूतन मिस इंडिया बनी थी उसी समय फिल्म ‘नगीना’ रिलीज होने वाली थी। इस फिल्म को देखने जब नूतन सिनेमाघर में गई तो वाचमैन ने अंदर नहीं जाने दिया। दरअसल, यह वयस्कों के लिए थी, जिसे सेंसर बोर्ड ने ‘ए’ सर्टिफिकेट दिया था। उस समय नूतन की उम्र महज 15 साल की थी। नूतन ने उस वॉचमैन को बहुत समझाने की कोशिश की कि वह खुद उस फिल्म की अभिनेत्री है, मगर वॉचमैन नहीं माना और नूतन को अपनी फिल्म देखे बगैर घर वापस जाना पड़ा।
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नूतन{ फिल्म बंदिनी}
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पेट में मोहनीश फिर भी करती रहीं काम
फिल्म ‘बंदिनी’ से जुड़ा एक मजेदार किस्सा है। नूतन जब कुछ समय के लिए फिल्मों से ब्रेक लेने की सोच रही थी तभी बिमल रॉय उनके पास अपनी फिल्म ‘बंदिनी’ का ऑफर लेकर आए। नूतन उस समय पेट से थीं। फिर भी उन्होंने फिल्म करने के लिए हामी भर दी। बताया जाता है कि इस फिल्म को करने के लिए नूतन के पति रजनीश बहल ने समझाया था कि बिमल रॉय की फिल्म है, तुम्हें करनी चाहिए। फिल्म 'बंदिनी’ नूतन के करियर की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक है।
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नूतन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
संजीव कुमार को जड़ दिया थप्पड़
अभिनेता संजीव कुमार को थप्पड़ मारने का नूतन का किस्सा बहुत मशहूर है। फिल्म देवी’ की शूटिंग के दौरान नूतन ने संजीव को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया था। दरअसल, पहले नूतन और संजीव कुमार के बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। लेकिन जब दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तो बताते हैं कि इनके बीच अफेयर की खबरे उड़ने लगी। फिल्म 'देवी' की शूटिंग के दौरान जब सेट पर ही नूतन ने एक मैगजीन पढ़ी, जिसमें उनके और संजीव कुमार के अफेयर के बारे में छपा था तो वह काफी गुस्सा हुईं और सेट पर ही संजीव कुमार को थप्पड़ जड़ दिया।
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दिलीप कुमार और नूतन {फिल्म कर्मा}
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दिलीप कुमार के साथ काम करने का मौका
फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के बाद नूतन को एक और फिल्म 'शिकवा' साल 1953 में ऑफर हुई जिसमें उनके हीरो दिलीप कुमार थे। लेकिन यह फिल्म पूरी नहीं हो पाई। नूतन को इस बात का मलाल काफी समय तक रहा कि वह दिलीप कुमार के साथ काम नहीं कर पाई। लेकिन 33 साल के बाद नूतन को निर्माता-निर्देशक सुभाष घई की फिल्म 'कर्मा' में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म साल 1986 में प्रदर्शित हुई और इस फिल्म में नूतन की दिलीप कुमार के साथ काम करने की अधूरी ख्वाहिश पूरी हुई।
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नूतन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पालतू कुत्तों का शौक
अभिनेत्री नूतन बहुत बड़ी पशु प्रेमी थी। वह बेजुबान जानवरों का काफी ख्याल रखती थी। उनको पालतू कुत्तों से वह प्यार था। एक समय था, जब नूतन के पास 22 कुत्ते थे और वह सभी कुत्तों का खुद ही ख्याल रखती थी। 22 कुत्तों में से नूतन के पास एक फ्रेंच टीकप पूडल डॉग था, जिसका नाम क्यूपिड था। नूतन को क्यूपिड बहुत पसंद था। वह जहां भी जाया करती थीं, क्यूपिड को अपने साथ ही लेकर जाती थी।
नूतन के पोस्टेज स्टाम्प
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
सम्मान में डाक टिकट
अभिनेत्री नूतन के नाम सर्वश्रष्ठ अभिनेत्री के लिए पांच फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड है। ये पुरस्कार उन्हें फिल्म 'सीमा,' 'सुजाता,' 'बंदिनी', 'मिलन' और 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' के लिए मिले। भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमूल्य योगदान के लिए नूतन को साल 1974 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। भारत के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने साल 2011 में नूतन के सम्मान में उनकी तस्वीर वाला एक डाक टिकट जारी किया।