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Tiki Taka Review: घटक के घर से निकला परमब्रता का नया सिनेमा, फुटबॉल व अफ्रीका कनेक्शन की कमाल कॉमेडी

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Tiki Taka Review - फोटो : अमर उजाला
Movie Review: टिकी टाका
कलाकार: परमब्रता चटर्जी, ऋताभरी चटर्जी, शाश्वत चटर्जी, परन बंदोपाध्याय और एमोना एनाबुला
निर्देशक: परमब्रता चटर्जी
ओटीटी: ZEE5
रेटिंग: ***


महाश्वेता देवी और ऋत्विक घटक के परिवार में सिनेमा की नई जिम्मेदारी परमब्रता चटर्जी के पास है। हाल ही में वह फिल्म ‘बुलबुल’ में दिखे। हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने उन्हें सुजॉय घोष की फिल्म ‘कहानी’ से पहचानना शुरू किया। अभिनय वह कमाल का करते हैं। निर्देशन उन्हें विरासत में मिला दिखता है। फिल्म ‘टिकी टाका’ में वह पश्चिम बंगाल के भद्रलोक की तुरपाई धीरे धीरे उधेड़ते हैं। ये फिल्म एक ऐसी संस्कृति का कड़वा लेकिन असली सच सामने लाने की कोशिश करती है, जिसके भीतर तक बाहरी दुनिया के कम लोगों की ही पैठ है। वह इस चोले को अस्तर की तरफ से बाहर लाकर जोर से फटकते हैं और ऐसा करने से बंगाली भद्र लोक के तमाम राज फटक कर नीचे आ जाते हैं। फिल्म की कहानी और इसका कथन व्यंग्य खासतौर से स्याह व्यंग्य (ब्लैक कॉमेडी) समझने वालों के लिए बिल्कुल मुफीद है।
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Tiki Taka Review - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म की कहानी राजू टैक्सीवाले की कहानी है जिसकी खासियत ये है कि ये नए जोड़ों को भीड़ भाड़ वाले शहर में उस दुर्लभ कार्य के लिए जगह सुलभ कराता है, जिसकी जरूरत सबको होती है लेकिन सब शालीनता के नकाब के नीचे इसे छुपाए ढके रहते हैं। मामला हेयर पिन टर्न वहां से लेता है जहां दो किशोर राजू के पास आते हैं फिल्म बनाने में मदद के लिए और वह उन्हें अपना नियमित ग्राहक जैसा समझ लेता है। लेकिन, कैमरे का एक्सपोजर बढ़ाने के बाद कहानी में असल कलर करेक्शन होता है खेलची की एंट्री से। खेलची वह नहीं है जो लोगों को दिखता है। और, जो वह है, वह भद्रलोक के लोग देख नहीं पा रहे। हां, उसका जो असल धंधा है, उसे चलाने वालों को खेल समझ आ चुका है। कहानी में तमाम गलतफहमियां हैं, ड्रग्स के धंधे का ताना बाना है और फुटबॉल का जबर्दस्त तड़का है।

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Tiki Taka Review - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
परमब्रता बतौर निर्देशक अब तक नौ फिल्में बना चुके हैं। दो फिल्में उनकी बतौर निर्देशक निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। ‘टिकी टाका’ बतौर निर्देशक उनकी नौवीं फिल्म है। भाषाई दर्शकों को रिझाने के बाद ‘टिकी टाका’ को वैश्विक स्तर पर ZEE5 ने रिलीज किया है। कहानी सार्वभौमिक होने के चलते हिंदी पट्टी के दर्शकों को तुरंत छू लेती है। ये कॉमेडी ऑफ एरर्स का एक नया रूप है और इस रूप में रंग भरने के लिए परमब्रता ने खुद अपना रंग भी परदे पर बदल लिया है। एमोना का साथ उनके लिए सोने पर सुहागा जैसा महसूस करता है। ‘टिकी टाका’ में परमब्रता ने बंगाली पृष्ठभूमि का कहानी में वैसे ही इस्तेमाल किया है जैसे प्रियदर्शन ने ‘हेराफेरी’ में बाबूराव का किरदार डालकर महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि का किया।

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Tiki Taka Review - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अभिनय के लिहाज से फिल्म ‘टिकी टाका’ आकर्षित करती है। खासतौर से परमब्रता और एमोना के साथ के सीन कमाल हैं। परमब्रता अभिनय के मामले में आने वाले दिनों में कुछ नए प्रतिमान गढ़ने की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं। आमतौर पर सहज चरित्र निभाने वाले परमब्रता ने इस बार अपने किरदार के साथ कुछ नया प्रयोग किया है। एक अभिनेता के लिए खुद को इस तरह की चुनौती देते रहना भी चाहिए। फिल्म ‘कहानी’ में बॉब बिस्वास के तौर पर दिखे शाश्वच चटर्जी ने फिर एक बार जाहिर किया कि आखिर लोग उनके फैन क्यों हैं, उनका परदे पर आना ही दर्शकों को सावधान कर जाता है कि अब कुछ तो अलग होने वाला है। ऋताभरी पर हिंदी सिनेमा के निर्माता निर्देशकों की नजर इस फिल्म से जानी चाहिए। उनका अगला मुकाम कोलकाता से मुंबई हो सकता है।
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Tiki Taka Review - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘टिकी टाका’ अगर कहीं अटकती है तो वह है इसका संगीत और इसके संवाद, बाकी इसकी गति शुरू से लेकर आखिर तक वैसी ही बनी रहती है जैसी कि इस तरह की फिल्मों की होती है। इस वीकएंड के लिए जी5 वैसे तो पहले ही ‘फॉरबिडेन लव’ पेश करके दूसरे ओटीटी पर बढ़त बना चुका है, ‘टिकी टाका’ की रिलीज बोनस है।


यहां देखें फिल्म ‘टिकी टाका’
 
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